लालू यादव सृजन घोटाले को लेकर शनिवार को भागलपुर में एक रैली करने जा रहे हैं (फाइल फोटो)
- भागलपुर रैली को संबोधित करने के लिए ट्रेन से जाएंगे
- तेजस्वी यादव 'सृजन के दुर्जन का विसर्जन' अभियान
- नीतीश ने मानी सृजन घोटाले में सीबीआई जांच की मांग
पटना:
बिहार के नेताओं का रेल मंत्रालय और रेल यात्रा से प्रेम जग ज़ाहिर हैं. रेल मंत्री बनने के लिए बिहार की राजनीति के तीन शीर्ष नेता लालू, नीतीश और रामविलास पासवान ने पूर्व में अपनी जी जान लगा दी. पासवान और लालू में तो राजनीतिक रिश्त बने और बिगड़े भी.
इसी रेल मंत्रालय के अपने कार्यकाल के दौरान कुछ घोटाले की जांच झेल रहे राजद अध्यक्ष लालू यादव, अब रेल यात्रा कर शनिवार को भागलपुर जाएंगे. भागलपुर में उनकी पार्टी ने सृजन घोटाले के खिलाफ एक रैली का आयोजन किया है. इस यात्रा और रैली में उनके बेटे तेजस्वी यादव भी साथ होंगे. लालू यादव, जहां इंटरसिटी एक्सप्रेस में बैठ कर जाएंगे, वहीं पटना की वापसी की यात्रा राजधानी एक्सप्रेस से होगी.
पढ़ें: सृजन घोटाले के आरोपी बीजेपी नेता विपिन शर्मा ने दिल्ली में खरीदे थे एक दर्जन फ्लैट
हालांकि सृजन घोटाले में अभी तक लालू यादव ने कोई भी नया ख़ुलासा नहीं किया है. उन्होंने सीबीआई से जांच कराने की मांग की जिसे नीतीश कुमार ने मानते हुए उसके आदेश दे दिए. नीतीश ने यहां तक कहा कि अगर सीबीआई जांच पर संतोष ना हो तब सप्रीम कोर्ट या पटना हाईकोर्ट से इसकी मॉनिटरिंग की मांग करते हुए उन्हें याचिका दायर करनी चाहिए और कोर्ट का आदेश हो तब भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी .
लालू यादव का कहना है कि जब तक नीतीश और सुशील मोदी बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्य मंत्री हैं इस मामले की जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती. हालांकि लालू यादव का कहना ये भी है कि इस मामले में नीतीश को फंसा कर भाजपा उनसे इस्तीफ़ा ले लेगी. लेकिन वे चाहे लालू हों या तेजस्वी, किसी ने नीतीश कुमार या सुशील मोदी द्वारा इस मामले के घोटालेबाज़ों के साथ मिलीभगत के कोई सबूत आज तक नहीं दिए हैं. तेजस्वी ने 'सृजन के दुर्जन का विसर्जन' नाम से पूरे राज्य में अभियान चलने की घोषणा की है. पिछली बार तेजस्वी यादव जब भागलपुर गए थे तब उन्हें इस मुद्दे पर सभा करने को अनुमति नहीं मिली थी.
इसी रेल मंत्रालय के अपने कार्यकाल के दौरान कुछ घोटाले की जांच झेल रहे राजद अध्यक्ष लालू यादव, अब रेल यात्रा कर शनिवार को भागलपुर जाएंगे. भागलपुर में उनकी पार्टी ने सृजन घोटाले के खिलाफ एक रैली का आयोजन किया है. इस यात्रा और रैली में उनके बेटे तेजस्वी यादव भी साथ होंगे. लालू यादव, जहां इंटरसिटी एक्सप्रेस में बैठ कर जाएंगे, वहीं पटना की वापसी की यात्रा राजधानी एक्सप्रेस से होगी.
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हालांकि सृजन घोटाले में अभी तक लालू यादव ने कोई भी नया ख़ुलासा नहीं किया है. उन्होंने सीबीआई से जांच कराने की मांग की जिसे नीतीश कुमार ने मानते हुए उसके आदेश दे दिए. नीतीश ने यहां तक कहा कि अगर सीबीआई जांच पर संतोष ना हो तब सप्रीम कोर्ट या पटना हाईकोर्ट से इसकी मॉनिटरिंग की मांग करते हुए उन्हें याचिका दायर करनी चाहिए और कोर्ट का आदेश हो तब भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी .
लालू यादव का कहना है कि जब तक नीतीश और सुशील मोदी बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्य मंत्री हैं इस मामले की जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती. हालांकि लालू यादव का कहना ये भी है कि इस मामले में नीतीश को फंसा कर भाजपा उनसे इस्तीफ़ा ले लेगी. लेकिन वे चाहे लालू हों या तेजस्वी, किसी ने नीतीश कुमार या सुशील मोदी द्वारा इस मामले के घोटालेबाज़ों के साथ मिलीभगत के कोई सबूत आज तक नहीं दिए हैं. तेजस्वी ने 'सृजन के दुर्जन का विसर्जन' नाम से पूरे राज्य में अभियान चलने की घोषणा की है. पिछली बार तेजस्वी यादव जब भागलपुर गए थे तब उन्हें इस मुद्दे पर सभा करने को अनुमति नहीं मिली थी.
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Lalu Yadav