मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष ने शनिवार को 'जन महाभियोग' कार्यक्रम किया. इस दौरान विपक्ष ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर 'मॉक पार्लियामेंट' हुई.
इसके लिए पुरानी संसद भवन जैसा ढांचा तैयार किया गया था. आगे स्पीकर की कुर्सी और नीचे सभी सांसदों की कुर्सी रखी गई थीं. पहली कतार में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर बोलने वाले नेता बैठे थे. इसके लिए वैसी ही कुर्सी रखी गई थीं, जैसे संसद भवन के अंदर होती हैं. कैमरे भी वैसे ही थे, जैसे संसद में होते हैं.
इस कार्यक्रम में सांसदों के अलावा सिविल सोसायटी और SIR से कथित तौर पर प्रभावित लोग भी मौजूद थे. इस दौरान पूरा माहौल वैसा ही था, जैसा संसद सत्र के दौरान होता है.
चाय-पानी के लिए उठ रहे थे सांसद
संसद में जब किसी प्रस्ताव पर चर्चा होती है, तब अमूमन सभी सांसद पानी या चाय के लिए नहीं उठते हैं, लेकिन खरगे के आवास पर हो रहे इस कार्यक्रम में सांसद उठ रहे थे.
यहां संसद भवन जैसा सेटअप स्पेशल ऑर्डर पर तैयार करवाया गया था. हरियाणा के पानीपत से पूरा फर्नीचर मंगवाया गया था.
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सांसदों का दिखा अनोखा अंदाज
इस कार्यवाही के दौरान सांसद अनोखे अंदाज में अपनी बात रख रहे थे.
मसलन, टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने सिंबॉलिक तौर पर प्रस्ताव पर बोलते हुए एक दम से कहा- 'मेरे नोट चोरी हो गए. नसीर मेरे नोट कहां हैं?' फिर बोलीं- 'ठीक इसी तरह जैसे वोट चोरी किए गए.'
इस 'मॉक पार्लियामेंट' को पुरानी संसद की तरह सेटअप किया गया था. इसके पीछे यही संदेश था कि हमारे लिए तो पुरानी संसद ही असली संसद है. क्योंकि जब नई संसद बनी थी, तब कांग्रेस ने इसका विरोध किया था.

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पानीपत से आया था फर्नीचर
आज के कार्यक्रम में दो बड़ी LED स्क्रीन भी लगाई गई थीं, जैसी संसद में होती है. सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस ने हरियाणा के पानीपत से एक हफ्ते पहले ही फर्नीचर का ऑर्डर देकर इस पूरे ढांचे को तैयार करवाया था.
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि आज का सारा फर्नीचर और सेटअप पानीपत आया है. इसे आज के कार्यक्रम के लिए स्पेशल ऑर्डर देकर तैयार करवाया गया है.
इस दौरान संसद भवन की तरह बड़े-बड़े कैमरे और माइक नहीं थे. इस दौरान किसी का माइक भी बंद नहीं हुआ.
मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी एक साथ बैठे थे. राहुल गांधी के बगल में हेमंत सोरेन बैठे थे और पीछे सभी दलों के नेता.
कार्यक्रम में दो मुख्यमंत्री और एक पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी शामिल हुए, जैसा कि अमूमन संसद में नहीं होता.

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रैली वाले दिन के लिए मंगाई गई गाड़ियां
1 नवंबर को कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करने वाला है. इससे पहले विपक्ष मार्च भी निकालेगा. विपक्ष का यह मार्च मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक रहेगा.
रैली वाले दिन के लिए भी कांग्रेस की ओर से गाड़ियों का इंतजाम किया गया है. इस कार्यक्रम के लिए राजस्थान से अलग से सफारी गाड़ी मंगवाई गई हैं, जिस पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेता बैठकर मार्च करेंगे.
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