Mohammad Ahad Katihar Terror Case: बिहार के कटिहार जिले से गिरफ्तार किए गए मोहम्मद अहद मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं. पुलिस का दावा है कि अहद पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और उसके निर्देश पर दिल्ली जाकर एक चोरी के पुराने वाहन की व्यवस्था करने की तैयारी कर रहा था. हालांकि उस वाहन का इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था, इसका अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है. जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी वारदात की साजिश तो नहीं रची जा रही थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियां जांच में शामिल हैं.
कटिहार एसपी ने साझा की जांच की नई जानकारी
कटिहार एसपी परिचय कुमार ने बताया कि 13 जुलाई को कोढ़ा थाना क्षेत्र के मूसापुर से गिरफ्तार मोहम्मद अहद से लगातार पूछताछ की जा रही है. जांच में सामने आया है कि अहद सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे माध्यमों के जरिए पाकिस्तान स्थित एक हैंडलर के संपर्क में था. पुलिस के मुताबिक उसे लगातार प्रेरित और निर्देशित किया जा रहा था कि वह कुछ ऐसा काम करे, जिससे गंभीर आपराधिक या आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया जा सके.

Mohammad Ahad Katihar Terror Case: एसपी परिचय कुमार मामले की जानकारी देते हुए
दिल्ली जाकर चोरी का वाहन जुटाने की थी तैयारी
पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर ने अहद को दिल्ली जाकर एक पुराना चोरी का वाहन उपलब्ध कराने के लिए कहा था. एसपी ने बताया कि पाकिस्तानी आतंकी आका से मिले निर्देश के आधार पर मोहम्मद अहद जल्द दिल्ली जाकर किसी पुराना चोरी की वाहन जुगाड़ करने का फिराक में था. पूछताछ में अहद ने स्वीकार किया है कि उसे इस संबंध में संदेश प्राप्त हुए थे. हालांकि दिल्ली से वाहन लाने के बाद क्या अहद पुराने वाहन के सहारे देश के किसी हिस्से में बम धमाका को अंजाम देना चाहता था या मॉब लिंचिंग जैसी घटना की कोशिश में था. इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है. पुलिस का कहना है कि यह संभावना जरूर है कि किसी बड़ी आपराधिक या आतंकवादी साजिश की तैयारी की जा रही थी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा.
मुंगेर के संदिग्ध से भी जुड़ रहे तार
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि मुंगेर जिले में हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति से भी अहद का संपर्क था. फोन रिकॉर्ड और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) में दोनों के बीच बातचीत के संकेत मिले हैं. अब कटिहार पुलिस मुंगेर पुलिस के साथ समन्वय बनाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच संबंध किस प्रकार के थे और क्या वे किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे.
युवाओं को भेजा गया था व्हाट्सएप लिंक
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अहद ने कुछ युवाओं को एक व्हाट्सएप लिंक भेजा था. पुलिस का दावा है कि यह लिंक ऐसे समूह से जुड़ा था, जहां देश विरोधी विचारों या गतिविधियों से संबंधित सामग्री साझा की जा सकती थी. हालांकि जांच में अब तक यह सामने आया है कि जिन युवाओं को लिंक भेजा गया था, उन्होंने उस ग्रुप को जॉइन नहीं किया था. पुलिस ने संबंधित युवाओं के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. फिलहाल इन युवाओं को मामले में गवाह बनाया गया है.
ATS, STF और IB भी कर रही हैं जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जांच में सहयोग कर रही हैं. अधिकारियों के अनुसार अहद के सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है.
पुलिस का दावा, समय रहते हुई कार्रवाई
कटिहार पुलिस एसपी का कहना है कि शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि अहद हाल के समय में ही इस नेटवर्क के संपर्क में आया था और अभी अपनी योजना को पूरी तरह आगे नहीं बढ़ा पाया था. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो भविष्य में किसी गंभीर आपराधिक या देशविरोधी गतिविधि को अंजाम देने की कोशिश की जा सकती थी.
पूरे नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार फिलहाल जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि अहद किन-किन लोगों के संपर्क में था, उसे विदेश से कौन निर्देश दे रहा था और उसका अंतिम उद्देश्य क्या था. पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई हैं और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है.
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