- चिराग पासवान ने बिहार में कानून व्यवस्था सुधार की सराहना की है.
- चिराग ने अपने पुराने बयानों को बगावत नहीं बल्कि गठबंधन के भीतर की चिंताएं बताया.
- उन्होंने सीतामढ़ी में मां जानकी मंदिर के कार्यक्रम में न पहुंचने की वजह भी बताई.
बिहार में कानून व्यवस्था पर नीतीश कुमार को खरी-खरी सुनाने वाले चिराग अब नीतीश कुमार को सुशासन बाबू कहकर तारीफ करने लगे हैं. कह रहे हैं कि ऐसे ही नहीं बिहार में नीतीश कुमार को सुशासन बाबू कहा जाता है. बिहार में क़ानून का राज नीतीश कुमार की ही देन है. वैशाली में चिराग पासवान से जब पत्रकारों ने उनके पुराने बयानों की याद दिलाई तो बोले कि अगर मेरी बातों में किसी को बगावत दिखी है तो वह बगावत नहीं, वह मेरी चिंताएं हैं, जो समय-समय पर मैं अपने गठबंधन के भीतर रखकर इस बात को सुनिश्चित करने का काम करता हूं कि अगर बिहारी की चिंता है तो उसको सम्मान देना चाहिए. जिस तरीके से अपराध को लेकर बीते दिनों चिंताएं उठी थी, आज पुनः आप देख रहे हैं कि धीरे-धीरे कानून व्यवस्था नियंत्रित होने लगी है. जिस तरीके से पीछे अपराधियों ने सिर उठाकर तांडव मचाने का प्रयास किया, धीरे-धीरे, उसे काबू किया जा रहा है. मेरा मुख्यमंत्री पर हमेशा विश्वास रहा है कि उन्हीं के नेतृत्व में यह संभव है. सुशासन बाबू ऐसे ही उनको बिहार की जनता ने नहीं कहा. हालांकि, विपक्ष यह चाहता है कि एनडीए में किसी तरीके की दरार दिखे, मगर यह दरार दिखने वाला नहीं है. एनडीए एकजुट होकर 225 सीट जीतने को लेकर आगे बढ़ रही है. परिणाम के बाद आप देखिएगा कि ऐतिहासिक जीत के बाद एनडीए सरकार बनाएगी.
सीतामढ़ी क्यों नहीं आए
सीतामढ़ी में मां जानकी मंदिर के शिलान्यास पूजा में शामिल नहीं होने ने कहा कि जो विवाद उठाया जा रहा है, वो गलत है. मैं सीतामढ़ी पहुंचा था, लेकिन मौसम और जाम के कारण जब तक मैं वहां पहुंचा, तब तक कार्यक्रम समाप्त हो गया था. ऐसा नहीं है कि मैं सीतामढ़ी में नहीं था. विपक्ष इसको मुद्दा बना रही है कि चिराग नाराज हैं, इसलिए सीतामढ़ी नहीं गए, ऐसा कतई नहीं है.
राहुल-तेजस्वी पर चिराग
SIR मामले को लेकर जारी बवाल को लेकर चिराग ने कहा कि सवाल कौन उठा रहे हैं? विपक्ष के लोग जिनका अपना खुद का दो-दो वोटर आईडी कार्ड है, पहले वह जवाब दें. अगर उपमुख्यमंत्री का दो वोटर आईडी कार्ड बना है, तो चुनाव आयोग इसका जांच करेगी. चिराग पासवान ने आगे कहा कि राहुल गांधी तो अपने ही सरकार पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. क्या राहुल गांधी यह कहना चाह रहे हैं कि कर्नाटक की उनकी सरकार फर्जीवाड़ा की सरकार है? फर्जी वोटरों से बनी हई सरकार है, यही कहना चाह रहे हैं? सवाल आप उठाएंगे और चुनाव आयोग की प्रक्रिया का इस्तेमाल भी करेंगे? झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव एक साथ हुए. झारखंड जीत गए तो वहां पर सब ठीक, वोटर आईडी कार्ड, वोटर लिस्ट सब ठीक, और महाराष्ट्र को लेकर बार-बार सुनाया जाता है कि फर्जी तरीके से महाराष्ट्र में सरकार बनाई गई है.
-
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
संसद में हंगामे पर चिराग
चिराग पासवान ने संसद में जारी गतिरोध पर कहा कि विपक्ष भारत के संसद को चलने नहीं दे रहा है. सरकार चुनाव आयोग पर कैसे बहस कराए? अगर एक प्रतिशत मान भी लीजिए कि सरकार ने बहस करा दी तो मुझे राहुल गांधी और बिहार के विपक्ष के नेता बता दें कि जवाब कौन देगा? किस विभाग के तहत चुनाव आयोग आता है? कौन मंत्री है चुनाव आयोग का? किस मंत्री से जवाब चाहिए? भैया, चुनाव आयोग स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, जिन्होंने प्रक्रिया को रोल आउट किया है. इस समय दो मत हैं. एक मत में मैं हूं और एक मत विपक्ष का है. तो आप चुनाव आयोग के पास जाइए ना, उनसे सवाल-जवाब करिए, संसद नहीं चलने देना क्या ये ठीक है? क्या यह संभव है कि चुनाव आयोग पार्लियामेंट में आकर जवाब देगा? नहीं दे सकता है. तो आप सदन क्यों नहीं चलने दे रहे हैं? विपक्ष डराकर वोट हासिल करने का काम CAA के समय से कर रहा है. अब SIR मामले में डरा रहे हैं. डरा कर वोट लेना गलत परंपरा की शुरुआत है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं