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बेटा बोलकर कर दी नसबंदी, बदले में दे दी बेटी, वैशाली के इस अस्पताल में बच्चा बदलने का आरोप, खूब कटा बवाल

बिहार के वैशाली के सदर अस्पताल पर बच्चा बदलने का आरोप लगा है. परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने बेटे के जन्म की बात कहकर बेटी दे दी. मौके पर कुछ सफाई देने के बजाय डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौके से फरार हो गए. परिजनों ने भी आक्रोशित रूप से खूब हंगामा किया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करा दिया है.

बेटा बोलकर कर दी नसबंदी, बदले में दे दी बेटी, वैशाली के इस अस्पताल में बच्चा बदलने का आरोप, खूब कटा बवाल
  • वैशाली के हाजीपुर सदर अस्पताल में डिलीवरी के बाद नवजात बच्चे को बदलने का गंभीर आरोप
  • महिला के परिजनों को बताया बेटा हुआ है, बाद में अस्पताल प्रशासन ने सौंप दी बेटी, मचा बवाल
  • परिजन ने लगाया बच्चा चोरी का आरोपस, हंगामा बढ़ने पर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मौके से फरार
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वैशाली:

बिहार के वैशाली का सदर अस्पताल अपनी खबरों के चलते इस समय सुर्खियों में है. यहां ऐसे कारनामे सामने आए हैं, जिसे पढ़ आप भी हैरान रह जाएंगे. सदर अस्पताल के लेबर वार्ड में  महिला कि डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने का आरोप लगा है. परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल कर्मियों ने बताया कि महिला के परिजन को बताया कि बेटा हुआ है, लेकिन नवजात को अस्पताल वालों ने दिखाने से मना कर दिया और बाद में बेटे की जगह बेटी सौंप दी. पीड़ित परिजनों ने बच्चा चोरी का आरोप लगाकर खूब हंगामा काटा. विवाद बढ़ता देख डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौके से फरार हो गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया है. 

बेटे के नाम पर सौंप दी बेटी


वैशाली में हाजीपुर के सदर अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले ने सबको हैरान कर दिया है. ड्राइवर और स्वीपर मरीज की जांच और इंजेक्शन देते पाए गए थे और अब इस ताजा घटना ने फिर एक बार सवाल खड़े कर दिए हैं. मिली जानकारी के अनुसार गोरौल थाना क्षेत्र के इस्लामपुर निवासी धीरज कुमार की 25 वर्षीय पत्नी गुंजन देवी को बुधवार करीब 11:30 बजे सुबह सदर अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया. लगभग ढाई घंटे बाद महिला को प्रसव के लिए ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया. करीब आधे घंटे बाद स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि महिला ने बेटे को जन्म दिया है. अस्पताल कर्मी ने कहा कि ऑपरेशन से बेटा हुआ है, नसबंदी करवा लीजिए. परिजन के स्वीकृति के बाद महिला की नसबंदी भी कर दी गई. इस दौरान परिजन को नवजात को नहीं दिखाया गया. करीब 1 घंटे बाद स्वास्थ्य कर्मी ने परिजन को नवजात सौंप दिया. परिजनों ने जब नवजात को देखा तो पता चला कि बेटी है. बेटी देखकर परिजन आश्चर्यचकित हो गए और स्वास्थ्य कर्मियों से इस संबंध में बात की तो स्वास्थकर्मी ने बताया कि बेटी ही जन्मी है. इसके बाद परिजनों ने सदर अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया. हंगामा बढ़ता देख डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौके से फरार हो गए. 

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अस्पताल प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं 


हंगामा की जानकारी नगर थाना की पुलिस पदाधिकारी को दी गई. घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने आक्रोशित परिजन को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया. इस संबंध में प्रसव पीड़िता गुंजन कुमारी के भाई संजय कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब 11:30 बजे अपनी बहन को सदर अस्पताल में भर्ती कराए थे. कुछ देर बाद स्वास्थ्य कर्मी ने ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया. उसके कुछ देर बाद बताया गया कि बेटा जन्म लिया है. पहले से एक बेटी है, नसबंदी करवा लीजिए. स्वजन ने नसबंदी करने की स्वीकृति दी और साइन कर दिया. इस दौरान नवजात को नहीं दिखाया. बहरहाल इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रसाशन एक दूसरे पर बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं. 

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