Bihar Tender Scam: बिहार की राजनीति में टेंडर घोटाला एक बार फिर से उबाल पर है. राजद सांसद सुधाकर सिंह ने इस मामले में नया मोड़ लाते हुए सरकार के कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों की संलिप्तता के गंभीर सबूत सार्वजनिक किए हैं. सुधाकर सिंह ने कुमार रवि, संतोष मल और आनंद किशोर जैसे बड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का सीधा आरोप लगाया है.
नीतीश सरकार पर उठे सवाल
सांसद ने आरोप लगाया कि यह पूरा भ्रष्टाचार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाक के नीचे हुआ है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन आरोपों में लालू यादव को जेल जाना पड़ा था, वही स्थिति आज इन अधिकारियों के साथ है जो सरकार के उच्च पदों पर बैठे हैं. सुधाकर सिंह का दावा है कि ये अधिकारी वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इर्द-गिर्द देखे जाते हैं, जो सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हैं.
रिशु श्री के जाल में फंसा बिहार का सिस्टम
यह पूरा घोटाला ठेकेदार रिशु श्री के इर्द-गिर्द घूमता है. साल 2023 में अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद ईडी की कार्रवाई शुरू हुई, जिसमें करोड़ों की नकदी और गहने बरामद हुए. जांच में सामने आया कि रिशु श्री ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर टेंडर प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा किया और महज 7-8 साल में धनकुबेर बन गया. उसने दिल्ली, हरियाणा और पटना में अकूत संपत्ति जुटाई.
विदेश यात्राओं और रिश्वत का खेल
ईडी के इनपुट पर SVU ने 30 अप्रैल 2025 को रिशु श्री और IAS संजीव हंस समेत अन्य पर मामला दर्ज किया. जांच में खुलासा हुआ कि रिशु श्री अफसरों को महंगे उपहार और विदेश यात्राएं कराता था. अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार जैसे अधिकारियों को रिशु श्री के खर्च पर विदेश घूमने के आरोपों के बाद सस्पेंड किया गया. रिशु और अभिलाषा के व्हाट्सएप चैट से धर्मेंद्र सिंह की विदेश यात्राओं और टेंडर में गड़बड़ी की परतें भी खुल गई हैं. सांसद सुधाकर सिंह के इस नए खुलासे ने बिहार के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है.
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