Sawan Me Panchak Kab Hai: सनातन परंपरा में किसी भी काम को करने से पहले शुभ-अशुभ समय पर विचार करने की परंपरा चली आ रही है. जिस हिंदू पंचांग के जरिये शुभ मुहूर्त आदि की जानकारी प्राप्त की जाती है, उसके अनुसार श्रावण मास के दूसरे दिन से पंचक की शुरुआत होने जा रही है. ज्योतिष के अनुसार पंचक के पांच दिन अत्यंत ही अशुभ माने गये हैं और इसमें कुछेक कार्यों की सख्त मनाही है. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि इस पंचक के दौरान घर-परिवार में किसी व्यक्ति मृत्यु हो जाए तो उससे जुड़े दोष से बचने के लिए विशेष पूजा करवानी पड़ती है, क्योंकि मान्यता है कि इसका प्रभाव पांच गुना पड़ता है. आइए जानते हैं कि सावन के महीने में लगने वाले पंचक के दौरान कांवड़ उठाने से लेकर अन्य धार्मिक कार्यों को करते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए.
सावन में कब लगेगा पंचक?

पंचांग के अनुसार श्रावण मास के कृष्णपक्ष की द्वितीया तिथि यानि 31 जुलाई 2026, शुक्रवार से पंचक की शुरुआत होगी और यह 04 अगस्त 2026 तक रहेगा. इसके बाद अगला पंचक श्रावण मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि यानि 27 अगस्त 2026 को प्रारंभ होकर 01 सितंबर 2026 को समाप्त होगा. चूंकि सावन महीने में लगने वाले पहले पंचक की शुरुआत शुक्रवार के दिन हो रही है, इसलिए इसे चोर पंचक कहा जाएगा. ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद अशुभ माना गया है और इसमें धन हानि और चोरी होने का भय बना रहता है.
पंचक में नहीं उठेगी ये कांवड़

हरिद्वार जिसे प्राचीन ग्रंथों में गंगाद्वार भी कहा गया है, यहां के तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित के अनुसार सावन के महीने में जब कभी भी पंचक लगता है तो बांस से बनाई जाने वाली कांवड़ यात्रा थम जाती है क्योंकि पंचक के दौरान कांवड़ तैयार करने के लिए बांस और लकड़ी आदि का क्रय नहीं किया जाता है. कांवड़ यात्रा करने वाले शिव साधकों का मानना है कि पंचक के दौरान कांवड़ उठाने पर उसके खंडित होने या फिर यात्रा में बाधा आने की आशंका बनी रहती है. उज्जवल पंडित के अनुसार मौजूदा दौर में बांस से बनी कांवड़ का प्रयोग कम होता है, इसलिए अन्य धातु से बनी कांवड़ यात्रा जारी रहेगी.
पंचक में इन कार्यों की भी रहेगी मनाही

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चोर पंचक के दौरान व्यक्ति को इसकी अशुभता से बचने के लिए कुछेक नियमों की भूलकर भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार पंचक के दौरान घर में बाहर से लकड़ी खरीदकर या फिर इकट्ठा करके नहीं लाई जाती है. पंचक के दौरान बांस, लकड़ी को खरीदना अशुभ माना गया है.
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इसी प्रकार पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना भी अशुभ माना गया है. ज्योतिष के अनुसार पंचक के दौरान व्यक्ति को अपने घर की छत पर लिंटर नहीं डलवाना चाहिए और नही पेंट करवाना चाहिए. इसी प्रकार पंचक के दौरान चारपाई को खोलना, बांधना और बुनने की भी मनाही है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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