बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में मोतिहारी का एक सिपाही सस्पेंड कर दिया गया है. भरत तिवारी का एनकाउंटर मामला भोजपुर जिला से जुड़ा है, जिसमें कई पुलिस अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. लेकिन मोतिहारी के एसपी को सस्पेंड क्यों किया गया, इसकी कहानी रोचक है. दरअसल मोतिहारी के एक सिपाही आशीष तिवारी का भरत तिवारी एनकाउंटर केस के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वो खुलेआम यह कहता दिखा था कि मैं भरत तिवारी का भाई बनकर बदला लूंगा. वायरल वीडियो उस दिन का है, जिस दिन बिलौती में महापंचायत हुई थी. इसी महापंचायत में लोगों की भीड़ के सामने आशीष ने भोजपुरी में यह ऐलान किया था कि 7 दिन में न्याय नहीं मिला तो मैं बदला लूंगा.
वायरल वीडियो में आशीष ने खुद को बिहार पुलिस का सिपाही भी बताया था और भी कहा था कि आज से नौकरी खत्म. भरत तिवारी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, अब इस मामले में मोतिहारी एसपी ने आशीष तिवारी को सस्पेंड कर दिया है.
🚨 बिहार पुलिस का एक और शर्मनाक कांड...😡
— DURGESH JHA (@bihar_son) June 27, 2026
वीर भरत भूषण तिवारी के लिए न्याय की मांग करने वाले बिहार पुलिस के कांस्टेबल आशीष तिवारी जी को निलंबित कर दिया गया।
भाई की कथित फर्जी एनकाउंटर में हत्या का बदला मांगने वाला सिपाही, जो खुद पुलिस में था, अब निलंबित कर दिया गया !
1.क्या… pic.twitter.com/xZVGj5Eo0h
'न्याय नहीं मिला तो दूसरा भरत तिवारी बनूंगा'
वायरल वीडियो में आशीष तिवारी ने कहा था कि यदि 7 दिनों के भीतर भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन को और तेज करेगा. उसने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद "दूसरा भरत तिवारी" बनने को तैयार है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उसके उस दावे की हुई जिसमें उसने कहा कि वह बिहार पुलिस में कार्यरत है और आज से अपनी नौकरी छोड़ रहा है.
महापंचायत में आशीष तिवारी ने खुद को भरत तिवारी का चचेरा भाई बताया था. लेकिन बाद में जब भरत तिवारी के परिजनों से उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई तो एक अलग तस्वीर सामने आई. परिवार के एक सदस्य ने उसे चचेरा भाई बताने के बजाय पड़ोसी बताया.

सिपाही आशीष तिवारी के सस्पेंशन के बारे में जारी पुलिस का प्रेस नोट, जिसमें उसके पहले के विवादों का भी जिक्र.
पुलिस ने किया सस्पेंड, प्रेस नोट में कई कारण भी गिनाए
आशीष तिवारी के इस वायरल वीडियो के बाद अब मोतिहारी एसपी ने उसे सस्पेंड कर दिया है. आशीष तिवारी के सस्पेंशन से जुड़ा एक प्रेस नोट भी साझा किया गया है. इस प्रेस नोट में आशीष तिवारी के पहले के कई विवाद और अनुशासनहीनता के बारे में भी बताया गया है. जिसमें साथी कर्मी पर गोली चलाने से लेकर गाली-गलौज के आरोप भी है.
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