जहानाबाद के कड़ौना थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप जाए. 5 साल के मासूम बच्चे की हत्या के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. कुकर्म का भी अंदेशा जताया गया है. परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा जोड़ दी है. हालांकि, अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आई है. पुलिस ने स्कूल संचालक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है.
मासूम के साथ बर्बरता
परिजनों के अनुसार, हॉस्टल में महज 5 साल के मासूम के साथ कुकर्म किया गया, और साक्ष्य मिटाने के लिए उसे तड़पा-तड़पाकर मार डाला. पटना पीएमसीएच में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों द्वारा परिजनों को दी गई मौखिक जानकारी ने अपराधियों की बर्बरता की पोल खोल दी है. डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि मासूम के साथ कुकर्म किया गया था. दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, मासूम को नुकीली चीजों से गोदा गया, उसकी आंखों और पेट पर गहरे जख्म दिए गए, और अंत में धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी गई.
सामूहिक कुकर्म का आराेप
बच्चे के पिता ने कड़ौना थाने में मामला दर्ज कराया. तहरीर में आरोप लगाया कि मासूम के साथ पहले सामूहिक कुकर्म किया गया. इसके बाद धारदार हथियार से उसकी निर्मम हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में धारा 65(2), 64(एफ), 70(2), 103 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत केस दर्ज किया है. घटना के बाद मुख्य आरोपी स्कूल संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. हिरासत में लिए गए एक शिक्षक और दो महिला कर्मचारियों से पूछताछ के बाद उन्हें बॉन्ड पर छोड़ा दिया गया है. स्कूल के एक गार्ड से पूछताछ जारी है.
दोषियों को फांसी देने की मांग
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यह अकेले एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता. उन्होंंने सामूहिक कुकर्म का आरोप लगाया है. परिजनों ने स्पष्ट शब्दों में दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है. थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा मामले की जांच कर रहे हैं. स्कूल को सील कर दिया गया है.
बच्चे के शव का अंतिम संस्कार
मंगलवार सुबह पीएमसीएच में मेडिकल बोर्ड ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया और परिजन को सौंपा. इसके बाद फतुहा घाट पर मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया गया. सदर एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने बताया कि घटना के बाद पिता के बयान पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. साथ ही पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की फॉरेंसिक और गहन जांच जारी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा. उन्होंने बताया कि इस घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
6 अप्रैल को बच्चे की हत्या
जहानाबाद में 6 अप्रैल को एक निजी हॉस्टल में बच्चे की हत्या हो गई थी. घटना से आक्रोशित ग्रामीण और परिजनों ने स्कूल के हॉस्टल में तोड़फोड़ की, और शव को NH-22 पर रखकर घंटों जाम कर दिया था. सूचना पर पहुंची पुलिस को समझा-बुझाकर शांत कराया, और जाम खुलवाया.
एक सप्ताह पहले ही कराया था एडमिशन
परिजन एक सप्ताह पहले ही बेटे का गुरुकुल हॉस्टल स्कूल में एडमिशन कराया था. स्कूल संचालक ने सोमवार सुबह बच्चे की तबीयत खराब होने, और उसे एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराने की सूचना दी थी. परिजन निजी नर्सिंग होम पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत में PMCH रेफर कर दिया. पटना ले जाते समय रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया था.
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