बिहार में पुलों के ढहने और नए पुल के उद्घाटन के साथ ही दरार आने का मामला थम नहीं रहा है. ताजा मामला बक्सर जिले का है, जहां ₹26.40 करोड़ में बना इटाढ़ी रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बन गया है. 11 साल के लंबे इंतजार के बाद 2 जून को जिस पुल का उद्घाटन हुआ, उसे महज 96 घंटे के भीतर सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा. अभी स्थिति ये है कि पुल की कंक्रीट गायब हो चुकी है और सड़कों पर सिर्फ लोहे की छड़ें नजर आ रही हैं.
इस नए नवेले पुल का अप्रोच रोड और ऊपरी हिस्सा पूरी तरह उखड़ चुका है. ऐसा लगता है कि निर्माण में कंक्रीट की जगह सिर्फ खानापूर्ति की गई थी. पुल के पिलर नंबर 4, 5, 6 और 7 के ऊपर का ढांचा पूरी तरह दरक गया है. स्थिति इतनी खतरनाक है कि अब पूरे कंक्रीट को हटाकर नए सिरे से बनाई जा रही है.

शुरुआत में पुल निगम ने मामले को रफा-दफा करने और ठेकेदार पर हल्की कार्रवाई कर पर्दा डालने की कोशिश की, लेकिन सोशल मीडिया पर तस्वीरें आने के बाद सच छिप नहीं सका.
बक्सर की जिलाधिकारी साहिला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पुल में गंभीर तकनीकी खामियां हैं. पुल के पाया नंबर 5 और उसके आसपास के हिस्सों में बड़ी कमियां मिली हैं. इन कमियों को दूर करने और पुल को दोबारा यातायात के योग्य बनाने में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा.
वहीं पुल की इस दुर्दशा पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है. हमें लगा था कि इस पुल के बन जाने से हमारी परेशानी कम हो जाएगी, लेकिन लग नहीं रहा कि आने वाले हाल के दिनों में ऐसा कुछ हो पाएगा.
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