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हर बच्चे के हिसाब से 200-200 लगेगा; बिहार में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए घूस लेते कैमरे में कैद कर्मचारी

बिहार के कटिहार जिले में एक आंगनवाड़ी सेविका पर जन्म प्रमाण पत्र आवेदन पर हस्ताक्षर करने के बदले पैसे लेने का आरोप लगा है. वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच टीम गठित कर दी है.

हर बच्चे के हिसाब से 200-200 लगेगा; बिहार में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए घूस लेते कैमरे में कैद कर्मचारी
जन्म प्रमाण पत्र पर साइन करने के लिए मांगे पैसे? कटिहार की आंगनवाड़ी सेविका का वीडियो वायरल, जांच शुरू
कटिहार:

Bihar Corruption Case: बिहार के कटिहार जिले से सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जमीनी हकीकत उजागर करने वाला एक मामला सामने आया है. फलका प्रखंड की रहटा पंचायत स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-12 की सेविका पर जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के बदले पैसे लेने का आरोप लगा है. मामला तब चर्चा में आया जब सेविका का कथित तौर पर रुपये मांगने और लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों के लिए लाभुकों से अवैध वसूली की जा रही थी. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है.

वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

रहटा पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-12 से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में आंगनवाड़ी सेविका चम्पा मुर्मू कथित तौर पर जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करने के एवज में पैसे मांगती नजर आ रही हैं. वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल है.

'ऊपर तक पैसा पहुंचाने' की बात का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि सेविका लाभुकों से खुलेआम पैसे मांग रही थीं. वायरल वीडियो में कथित तौर पर यह कहते हुए भी सुना जा रहा है कि वसूली गई राशि केवल उनके लिए नहीं, बल्कि "ऊपर तक" पहुंचानी पड़ती है. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है.

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150 से 200 रुपये वसूले जाने का आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन पर हस्ताक्षर करने के लिए 150 से 200 रुपये तक की मांग की जाती थी. पीड़ितों में शामिल पंकज कुमार और राजेश कुमार का कहना है कि जब तक पैसे नहीं दिए गए, तब तक उन्हें कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े. ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

प्रशासन ने शुरू की जांच

मामला सामने आने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) कुमारी पूर्णिमा ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है. उनके अनुसार यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सेविका के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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