- गया में एसटीएफ टीम वांटेड अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी, जहां ग्रामीणों ने हमला कर दिया
- भीड़ ने तीन जवानों को गंभीर रूप से घायल किया और उनकी दो सर्विस पिस्टल भी छीन लीं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई
- घायल जवानों का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, जहां कुछ को सिर और आंख में गंभीर चोटें आई हैं
गया में वांटेड अपराधी को पकड़ने पहुंची एसटीएफ टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया. जवानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और दो सर्विस पिस्टल भी छीन ली गईं. घटना के बाद पुलिस ने पूरे गांव को घेरकर देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया. इस घटना में तीन जवान भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. आपको मामले की पूरी डिटेल देते हैं.
एसटीएफ की टीम पर टूट पड़ी पुलिस
घटना बिहार के गया के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र अंतर्गत खिरियावां स्थित भुइं टोली की है, रविवार देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वांटेड अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची एसटीएफ टीम पर ग्रामीणों की भीड़ टूट पड़ी. देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और जवानों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा. इस दौरान तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि दो जवानों की सर्विस पिस्टल भीड़ ने छीन ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. घायल जवानों मणिकांत दुबे, संतोष चौबे और नीरज पंडित को तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दो जवानों के सिर में गहरी चोट आई है, जबकि नीरज पंडित की आंख पर हमला किया गया है. चिकित्सकों ने सीटी स्कैन की भी सलाह दी है. सभी घायलों का इलाज जारी है.
किस वांटेड अपराधी की तलाश में आई थी पुलिस?
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ टीम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वांटेड अपराधी मनोज मांझी की गिरफ्तारी के लिए भुइं टोली पहुंची थी. पुलिस को इनपुट मिला था कि वह गांव में मौजूद है. टीम सादे लिबास में गांव पहुंची, इसी दौरान ग्रामीणों को शक हुआ कि पुलिस शराबबंदी को लेकर छापेमारी करने आई है. देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जुट गए और भीड़ ने आक्रामक रुख अपना लिया. सूत्रों के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जवानों ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर भीड़ को चेतावनी देने की कोशिश की, लेकिन इससे उल्टा असर पड़ गया. भीड़ और उग्र हो गई और जवानों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. मारपीट के दौरान दो पिस्टल छीन ली गईं. हालात बिगड़ते देख एसटीएफ के जवान किसी तरह वहां से निकले और आला अधिकारियों को सूचना दी.
देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे.एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और टाउन डीएसपी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया. देर रात तक गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इस दौरान सात लोगों को हिरासत में लिया गया है. कई घरों की तलाशी ली गई और कुछ सामान जब्त किए गए हैं. अधिकांश पुरुष और युवक गांव छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं. कई घरों में ताले लटके मिले. सर्च ऑपरेशन के दौरान सड़क किनारे खेत से दोनों लूटी गई सर्विस पिस्टल भी बरामद कर ली गई है. हालांकि मुख्य हमलावर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
पुलिस अब हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और हथियार लूटने जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी में है. गौरतलब है कि जिस मनोज मांझी की तलाश में एसटीएफ पहुंची थी, वह 11 नवंबर 2024 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर हुए हत्या कांड का आरोपी है. पेट्रोल भरवाने को लेकर हुए विवाद में पेट्रोल पंप मालिक के भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 12 आरोपी नामजद किए गए थे, जिनमें से अधिकांश गिरफ्तार हो चुके हैं. हाल ही में एसटीएफ ने दो अन्य फरार आरोपियों को पटना से पकड़ा था, जबकि मनोज मांझी अब भी फरार है. फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है.अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है. पुलिस के लिए यह घटना बड़ी चुनौती बन गई है.
गया से रंजन सिन्हा की रिपोर्ट
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