- सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है और जनजीवन प्रभावित हुआ है
- NH-722 पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है और लोगों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है
- करीब एक हजार घर जलमग्न हो चुके हैं, जिससे परिवारों को रहने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में समस्या आई है
बिहार के सारण जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. छपरा और मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग-722 (NH-722) पर घुटने तक पानी भर गया है. सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
सैकड़ों घर पानी में डूबे
बाढ़ का असर आसपास के गांवों में भी साफ दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 500 से 1000 घर जलमग्न हो चुके हैं. घरों में पानी घुस जाने से परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है. कई लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है जबकि कुछ परिवार अब भी हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं.

सड़कों पर भी पानी भरा हुआ है.
मवेशियों को बचाने की बड़ी चुनौती
मकेर प्रखंड की फुलवरिया पंचायत में बाढ़ का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. यहां ग्रामीण अपने मवेशियों को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. खासकर भैंसों और अन्य पशुओं को ऊंचे स्थानों पर ले जाया जा रहा है ताकि वे बाढ़ के पानी से सुरक्षित रह सकें. ग्रामीणों का कहना है कि परिवार के साथ-साथ पशुओं को बचाना भी बड़ी जिम्मेदारी बन गया है क्योंकि यही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन हैं.

राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. नावों के जरिए जलमग्न क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन की ओर से भी हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों तक हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
कई गांवों तक सड़क संपर्क टूटने के कारण जरूरी सामान पहुंचाना चुनौती बन गया है. ऐसे में प्रशासन और राहत एजेंसियां ट्रैक्टरों के जरिए खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान प्रभावित इलाकों तक पहुंचा रही हैं. बाढ़ के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी हैं लेकिन राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रहने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिल रही है.
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