- सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में भेंट करेंगे.
- मंत्रिमंडल विस्तार 7 मई के आसपास होने की संभावना है, जिसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर ध्यान दिया जाएगा.
- JDU संभावित मंत्रियों के चयन में संगठनात्मक संतुलन को महत्व देते हुए कुछ नए चेहरों को भी मौका दे सकती है.
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. इसके बाद वह आज शाम दिल्ली रवाना होंगे, जहां उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात प्रस्तावित है. माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली इस अहम बैठक के बाद ही नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लगेगी. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार 7 मई के आसपास हो सकता है, जिसके बाद सरकार पूरी टीम के साथ काम शुरू करेगी.
सूत्रों के मुताबिक, इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. भाजपा पहली बार बिहार में मुख्यमंत्री पद पर है, ऐसे में पार्टी की कोशिश होगी कि राज्य के सभी प्रमुख जातीय समूहों और क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिले. इसी रणनीति के तहत कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है, वहीं प्रशासनिक अनुभव को मजबूत करने के लिए कुछ अनुभवी नेताओं को भी स्थान दिया जा सकता है.
Bihar Cabinet : बीजेपी में इन नामों पर चर्चा
BJP की ओर से जिन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है, उनमें दिलीप जायसवाल, मंगल पांडे, नित्यानंद राय, संजय जायसवाल, नीतीश मिश्रा, जनक राम और नीरज कुमार बबलू प्रमुख हैं. इसके अलावा संगठन से जुड़े कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, ताकि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके. चर्चा यह भी है कि किसी महिला नेता या युवा चेहरे को मौका देकर सरकार एक सकारात्मक और नया राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर सकती है.
JDU में मंत्रियों के नामों को लेकर मंथन जारी
JDU की ओर से भी संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर मंथन जारी है. माना जा रहा है कि पार्टी अनुभव और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अशोक चौधरी, लेसी सिंह और श्रवण कुमार जैसे नेताओं को मंत्रिमंडल में बनाए रख सकती है. साथ ही कुछ नए चेहरों को भी अवसर दिया जा सकता है, ताकि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को और मजबूत किया जा सके.
LJP(R) से संतोष कुमार सुमन का नाम लगभग तय
सहयोगी दलों की हिस्सेदारी भी इस मंत्रिमंडल विस्तार में अहम मानी जा रही है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से संजय सिंह का नाम प्रमुख रूप से चर्चा में है, जबकि हम पार्टी की तरफ से संतोष कुमार सुमन का नाम लगभग तय माना जा रहा है. एनडीए गठबंधन की मजबूती और संतुलन बनाए रखने के लिए सभी सहयोगी दलों को उचित प्रतिनिधित्व देना आवश्यक माना जा रहा है.
विभागों में नई प्राथमिकताएं तय की जा सकती हैं
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नई सरकार के अगले एजेंडे का संकेत भी देगा. खास तौर पर कानून‑व्यवस्था, रोजगार, उद्योग और ग्रामीण विकास जैसे अहम विभागों में नई प्राथमिकताएं तय की जा सकती हैं. यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ महत्वपूर्ण विभागों में फेरबदल कर सरकार अपनी अलग कार्यशैली और दिशा को सामने रखेगी. फिलहाल, सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जिसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख और अंतिम सूची साफ होने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि यह विस्तार नई सरकार की स्थिरता और राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.
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