बिहार के बेगूसराय में दरोगा के हत्यारों को कोर्ट ने सजा सुनाई, और जुर्माना लगाया. जुर्माना नहीं देने पर एक महीना अधिक जेल में रहना होगा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव आनंद की अदालत ने मुख्य आरोपी रितेश, मनीष और कृष्ण कुमार को दोषी पाते हुए कारावास की सजा सुनाया. अभियोजन ने 9 गवाहों के आधार पर दोष साबित किया.
तीन दोषियों को सजा
अपर लोक अभियोजक विपिन राय ने बताया कि तीनों दोषियों को धारा- 304 पार्ट 2 में 5-5 साल का सश्रम कारावास और 10-10 हजार जुर्माना लगाया. जुर्माना नहीं देने पर एक महीना अतिरिक्त जेल में रहना होगा. धारा- 353 में दो-दो साल का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार जुर्माना किया गया है, जुर्माना नहीं देने पर 2 महीना अतिरिक्त जेल में रहना होगा. धारा-323 में 6 महीने का सश्रम कारावास एवं 5-5 सौ जुर्माना लगाया गया है, जुर्माना नहीं देने पर 7 दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा. तीनों सजा एक साथ चलेगी.
साल 2023 में दरोगा की हत्या
नावकोठी पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब की एक खेप इलाके से गुजरने वाली है. सूचना पर नावकोठी थाना पुलिस अवर निरीक्षक (SI) खामस चौधरी तीन होमगार्ड जवानों के साथ छतौना बूढ़ी गंडक पुल पर घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे. दिसंबर 2023 रात करीब 12 बजे एक तेज रफ्तार कार आती दिखाई दी. पुलिस टीम ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर गाड़ी को रुकने का इशारा किया, लेकिन तस्करों ने गाड़ी धीमी करने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ा दी, और सीधे दारोगा खामस चौधरी को टक्कर मार दी.
टक्कर के बाद कार सवार भाग गए
कार सवार मौके पर से भाग गए. टक्कर इतनी भयानक थी कि दारोगा खामस चौधरी करीब 5 फीट हवा में उछले और पुल के नीचे जा गिरे, जहां नीचे बोल्डर से सिर टकराने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इसमें एक होमगार्ड जवान बालेश्वर यादव भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. आरोपियों को पुलिस ने दबोचा.
कोर्ट में 9 गवाहों को पेश किया
प्राथमिकी नावकोठी थाना प्रभारी परशुराम सिंह के बयान पर दर्ज की गई थी. ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक विपिन राय ने मजबूती से पक्ष रखा और कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज कराए. गवाहों की पुष्टि और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया. तीनों आरोपियों को धारा- 304 (2) में गैर इरादतन हत्या, धारा- 353 में सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए हमला तथा धारा- 323 के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने में दोषी पाया गया. मृतक दारोगा खामस चौधरी मधुबनी जिले के रहने वाले थे.
(संतोष प्रसाद की रिपोर्ट)
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