- बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने दिया बयान
- गैर NDA शासित राज्यों द्वारा पारित प्रस्ताव पूरी तरह गैर-कानून
- बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नागरिकता केंद्र का विषय है
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ गैर एनडीए शासित राज्यों की विधान सभाओं द्वारा पारित प्रस्तावों को पूरी तरह अवैध बताया है. सोमवार को शेखपुरा में एक तिलक समारोह में शामिल होने से पहले स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नागरिकता केंद्र का विषय है. इस पर राज्य सरकारें कुछ नहीं कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि नागरिकता विषय पर कानून बनाने का अधिकार संसद को है. इस विषय पर संसद ने जो कानून बना दिया उसको देश में सभी राज्यों को लागू करना संवैधानिक जिम्मेदारी है.
गैर एनडीए शासित राज्यों की विधान सभाओं में CAA के खिलाफ पारित प्रस्ताव को चौधरी ने केंद्र पर राजनीतिक दबाब बनाने का हथकंडा बताया. उन्होंने कहा कि CAA, NRC तथा NPR को लेकर देश में हो रही राजनीति से इसका मूल उद्देश्य ही पूरी तरह से गौण हो गया है. विधानसभा अध्यक्ष ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे CAA, NRC तथा NPR पर राजनीति करने के बजाय आम लोगों को इसकी सही जानकारी दें.
बता दें, देश भर में CAA के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार ने CAA के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया था. नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने वाला पश्चिम बंगाल देश का चौथा राज्य बन गया है. इससे पहले केरल, पंजाब और राजस्थान में इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा चुका है. इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी माकपा और कांग्रेस से राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए केंद्र में भाजपा सरकार के खिलाफ मिलकर लड़ने का आह्वान किया था.
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