विज्ञापन

जमीनी हकीकत से विकास के दावों की पड़ताल... बिहार विधानसभा में पक्ष-विपक्ष में तीखी नोंकझोंक, सरकार को घेरा 

दिनभर चली बहस के दौरान विधानसभा अध्यक्ष को कई बार सदस्यों से शांति बनाए रखने और मर्यादा में रहकर चर्चा करने की अपील करनी पड़ी. इसके बावजूद चर्चा ने यह साफ कर दिया कि ऊर्जा, स्वास्थ्य और विकास जैसे बुनियादी मुद्दे सरकार और विधायकों दोनों के लिए प्राथमिकता बने हुए हैं.

जमीनी हकीकत से विकास के दावों की पड़ताल... बिहार विधानसभा में पक्ष-विपक्ष में तीखी नोंकझोंक, सरकार को घेरा 
  • बिहार विधानसभा में ऊर्जा, स्वास्थ्य और योजना विभाग की बजट मांगों पर चर्चा हुई, जिसमें विपक्ष ने सरकार को घेरा
  • बिजली आपूर्ति में अनियमितता, ट्रिपिंग, जर्जर ट्रांसमिशन लाइन और लो-वोल्टेज की समस्याएं प्रमुख मुद्दे रहे
  • सदन में सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों ने भी अपनी सरकार से सवाल किए और क्षेत्र में विकास के मुद्दे उठाए
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पटना:

बिहार विधानसभा में शुक्रवार को बजट मांगों पर चर्चा के दौरान ऊर्जा, स्वास्थ्य और योजना एवं विकास से जुड़े मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए गए. दिनभर चली इस बहस में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सरकार को घेरने की कोशिश की, जिससे सदन का माहौल कई बार गर्म भी हुआ. हालांकि चर्चा तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ती रही और संबंधित मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का पक्ष रखा.

ऊर्जा विभाग की बजट मांगों पर चर्चा के दौरान विधायकों ने राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति को प्रमुखता से उठाया. ग्रामीण इलाकों में अनियमित बिजली, बार-बार ट्रिपिंग, जर्जर ट्रांसमिशन लाइन और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर सरकार से जवाब मांगा गया. कुछ विधायकों ने कहा कि सरकार कागजों में हर घर बिजली पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है. खासकर गर्मी के मौसम में बिजली कटौती आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है.

ऊर्जा मंत्री ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि राज्य में बिजली उत्पादन और आपूर्ति क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं. मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में बिजली व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा.

स्वास्थ्य विभाग की बजट मांगों पर चर्चा के दौरान सरकारी अस्पतालों की स्थिति सदन में छाई रही. विधायकों ने जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी, दवाओं की उपलब्धता और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए. कई सदस्यों ने कहा कि गरीब मरीजों को आज भी मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है.

Latest and Breaking News on NDTV

स्वास्थ्य मंत्री ने इन सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज की गई है और कई नए स्वास्थ्य केंद्रों को मंजूरी दी गई है. मंत्री ने यह भी कहा कि बजट में अस्पतालों के आधुनिकीकरण और उपकरणों की खरीद के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है.

योजना एवं विकास विभाग से संबंधित बजट मांगों पर चर्चा के दौरान विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे. सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, ग्रामीण विकास योजनाओं और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर विधायकों ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया. कुछ सदस्यों ने कहा कि कई योजनाएं स्वीकृत होने के बावजूद समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है.

इस पर योजना एवं विकास मंत्री ने कहा कि विभागीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना है.

बजट मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बजट में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन उनका असर जमीन पर दिखाई नहीं देता. वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार विकास को प्राथमिकता दे रही है.

दिलचस्प बात यह रही कि चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों ने भी अपनी ही सरकार से सवाल पूछे. उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाते हुए सरकार से समाधान की मांग की. इसे सदन में बढ़ती आंतरिक बेचैनी के संकेत के रूप में भी देखा गया.

Latest and Breaking News on NDTV

दिनभर चली बहस के दौरान विधानसभा अध्यक्ष को कई बार सदस्यों से शांति बनाए रखने और मर्यादा में रहकर चर्चा करने की अपील करनी पड़ी. इसके बावजूद चर्चा ने यह साफ कर दिया कि ऊर्जा, स्वास्थ्य और विकास जैसे बुनियादी मुद्दे सरकार और विधायकों दोनों के लिए प्राथमिकता बने हुए हैं.

कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा में बजट मांगों पर हुई जोरदार चर्चा ने यह संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इन विभागों के कामकाज और योजनाओं को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है. सदन में उठे सवालों ने यह भी दिखाया कि विकास के दावों की परीक्षा अब जमीनी हकीकत के आधार पर की जा रही है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com