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विदेशी मैम ने देसी छोरे को बनाया जिंदगी का हमसफर, देखिए शादी की खूबसूरत तस्वीरें

प्यार की कोई सरहद नहीं होती, और इसका सबसे सुंदर उदाहरण ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध चित्रकार टेसा बार्थोलोमियो और बिहार के नवादा जिले के वैज्ञानिक केतन पटेल की प्रेम कहानी है. दोनों ने शुक्रवार को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया. यह शादी सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और पश्चिमी कला के संगम की अनूठी मिसाल है.

विदेशी मैम ने देसी छोरे को बनाया जिंदगी का हमसफर, देखिए शादी की खूबसूरत तस्वीरें
  • ऑस्ट्रेलिया की चित्रकार टेसा बार्थोलोमियो और नवादा के वैज्ञानिक केतन पटेल का हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह हुआ
  • केतन पटेल एडिलेड यूनिवर्सिटी में रसायनशास्त्र के शोधकर्ता हैं और हाइड्रोजन पर कार्य कर रहे हैं
  • टेसा को भारतीय संस्कृति और लोगों का सौहार्द्रपूर्ण व्यवहार विशेष रूप से आकर्षित करता है
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नवादा:

प्यार की कोई सरहद नहीं होती, उसे सीमाओं में बांधकर नहीं रखा जा सकता. यह देश की भौगोलिक सीमाओं और संस्कृति से अलग होता है. ऐसा ही प्यार ऑस्ट्रेलिया की चित्रकार टेसा बार्थोलोमियो और बिहार के नवादा जिले के निवासी वैज्ञानिक केतन पटेल के बीच देखने को मिला है. दोनों की इस अनूठे प्रेम कहानी का शुक्रवार को विवाह के पवित्र बंधन में मुहर लग गया. पटना के दानापुर स्थित सीओआई क्लब में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार दोनों का विवाह संपन्न हुआ.

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नवादा जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष रंजीत कुमार पटेल के पुत्र केतन पटेल और जिले के प्रसिद्ध अधिवक्ता मदन प्रसाद के पौत्र वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया की एडिलेड यूनिवर्सिटी में रसायनशास्त्र के रिसर्च साइंटिस्ट हैं और हाइड्रोजन पर शोध कार्य कर रहे हैं. वहीं टेसा बार्थोलोमियो ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध चित्रकार हैं, जिनकी चित्र प्रदर्शनी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में प्रदर्शित की जा चुकी है. कला के प्रति उनकी संवेदनशीलता और भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव ने उन्हें भारत से आकर्षित किया है.

केतन और टेसा ने कहा - भारतीय संस्कृति से है लगाव

टेसा बताती हैं कि भारतीय संस्कृति उन्हें बेहद आकर्षित करती है. यहां के लोगों का सौहार्द्रपूर्ण व्यवहार और अपनापन उन्हें विशेष रूप से भाता है. उन्होंने कहा, कि केतन बहुत अच्छे इंसान हैं और मैं उनसे बेहद प्यार करती हूं. दोनों की मुलाकात ऑस्ट्रेलिया में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जहां से उनकी दोस्ती कब प्यार में बदल गई, उन्हें खुद भी पता नहीं चला. जबकि केतन पटेल ने कहा कि विदेश में जरूर उनका रहन सहन है. लेकिन भारतीय संस्कृति से उन्हें गहरा लगाव रहा है, इसलिए भारतीय परम्परा के मुताबिक शादी की.

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विवाह में पहुंचे ऑस्ट्रेलिया से परिजन

विवाह समारोह में केतन पटेल के परिवार के अलावा ऑस्ट्रेलियन लड़की टेसा के परिजन भी शरीक हुए. टेसा के पिता जॉन बार्थोलोमियो, जो पहले बरघीमम शील्ड लीग में काउंटी क्रिकेट खेल चुके हैं और बाद में ऑस्ट्रेलियन सरकार में मार्केटिंग ट्रेनर रहे, भी शामिल हुए हैं. उनके साथ टेसा की मां कैरोलिन, बहन  लिनसे किएट टूटेल, जीजा डैन जॉन टूटेल और उनके बच्चों सहित पूरा सराती पक्ष भारत पहुंचा है. दोनों संस्कृतियों के इस सुंदर संगम को लेकर आयोजन स्थल पर खास उत्साह  रहा है.

परंपरागत तरीके से निभाई गई शादी की रस्म
 

दानापुर सीओआई क्लब के बाहर से दूल्हा केतन पटेल की बारात पारंपरिक बैंड-बाजे के साथ निकली। बाराती और सराती दोनों पक्षों ने मिलकर जमकर नृत्य किया, जो समारोह का मुख्य आकर्षण रहा. बारात के आगमन पर समधी मिलन की परंपरा निभाई गई, जहां जॉन बार्थोलोमियो ने भारतीय अंदाज़ में अपने समधी रंजीत पटेल का स्वागत किया और एक-दूसरे को माला पहनाई.

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यही नहीं, द्वार–पूजा के बाद टेसा की मां और बहन ने दूल्हे की गाल सेकाई की रस्म निभाई. इसके पश्चात वरमाला की खूबसूरत रस्म के दौरान दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को माला पहनाई. पंडित शिवेंद्र कुमार पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों का विवाह संपन्न कराया। परंपरा अनुसार केतन ने टेसा की मांग में सिंदूर भरा और साथ जीने-मरने का वचन दिया. समारोह में मौजूद लोगों ने इस अनोखे संगम पश्चिमी कला और भारतीय वैज्ञानिक परंपरा के मेल को प्रेम और संस्कृति की सुंदर मिसाल बताया.

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