- जयपुर के सांगानेर इलाके में शराब के नशे में तेज रफ्तार ऑडी कार ने १६ लोगों को कुचल दिया, जिसमें एक की मौत
- हादसे में घायल १५ लोगों में से चार की हालत गंभीर बताई गई है, उनका इलाज SMS और जयपुरिया अस्पताल में चल रहा है
- ऑडी कार पहले फुटपाथ से टकराई और लगभग 200 मीटर सड़क किनारे लगे ठेले और स्टॉलों को रौंदती हुई पेड़ से टकराई
सड़क पर टूटी प्लेटें, उलटे ठेले, उखड़ा हुआ पेड़ और एक ऑडी की चकनाचूर बोनट... ये तस्वीरें जयपुर की उस खौफनाक रात की गवाही दे रही हैं, जब शराब के नशे में बेकाबू रफ्तार ने 16 ज़िंदगियों को रौंद डाला." जयपुर के सांगानेर इलाके में शुक्रवार देर रात एक ऑडी कार ने कहर बरपाया .तेज रफ्तार और शराब के नशे में धुत ड्राइवर ने सड़क किनारे बैठे और खड़े लोगों को बेरहमी से कुचल दिया. हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हैं, जिनमें से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है. हादसों के घायलों का इलाज एसएमएस और जयपुरिया अस्पताल में चल रहा है.

कैसे हुआ हादसा?
लग्जरी कार ऑडी पहले फुटपाथ से टकराई, फिर करीब 200 मीटर तक सड़क किनारे लगे ठेले और स्टॉलों को रौंदते हुए लोगों को कुचलती चली गई. आखिरकार एक पेड़ से टकराकर कार रुकी, टक्कर इतनी जोरदार थी कि पेड़ की जड़ें तक उखड़ गईं. मौके पर बिखरी दाल-बाटी, टूटी कुर्सियां और उलटे ठेले इस खतरनाक कार हादसे की भयावहता बयान कर रहे हैं, जिन्हें देख कोई भी सहम जाएगा.
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कौन है आरोपी?
ऑडी कार को जो शख्स चला रहा था उसका नाम दिनेश है. जो कि सोलर प्लांट का व्यापारी है. वो शहर की पत्रकार कॉलोनी में रहता है. उसके साथ फ्रंट सीट पर मुकेश, राजस्थान पुलिस का कॉन्स्टेबल था, वहीं इसी गाड़ी में पीछे दो अन्य साथी बैठे थे. हादसे के बाद दिनेश और मुकेश फरार हो गए, जबकि पीछे बैठे दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इस मामले में पूछताछ में उन्होंने बताया कि दिनेश ने अत्यधिक शराब पी रखी थी और वे बार-बार उसे गाड़ी धीमी करने को कह रहे थे, लेकिन वह नहीं माना.
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प्रशासन की लापरवाही भी उजागर
हादसे के वक्त सड़क पर अतिक्रमण था, ठेले और स्टॉल सड़क किनारे लगे हुए थे. अगर ये हटे होते तो शायद नुकसान कम होता. फिलहाल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है.

लोगों पर टूटा गम का पहाड़
मृतक रमेश, जो दाल-बाटी खाने आया था, मजदूर था और अपने परिवार का इकलौता सहारा था. उसके अलावा कई घायल हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है. कार पर अभी भी दाल के छींटे दिखाई दे रहे हैं. भीलवाड़ा के रहने वाले रमेश अपने परिवार के अकेले कमाने वाले थे, जो गांव में अपने पिता और बहन का पेट पालते थे. पास में सूप का ठेला लगाने वाले मृदुल भी घायल हैं और जयपुरिया अस्पताल में ICU में उनका इलाज चल रहा है.
उनके पिता विनोद बाहर इंतज़ार कर रहे हैं, और बता रहे हैं कि कैसे मृदुल ने उन्हें अचानक फोन करके कहा, "हेलो पापा, मेरा एक्सीडेंट हो गया है." उन्होंने डॉक्टरों को बताया जो अब उन्हें सर्जरी के लिए तैयार कर रहे हैं, सब कुछ ठीक चल रहा था तभी यह हादसा हो गया. पत्रकार थाना पुलिस ने हिट एंड रन और लापरवाही से गाड़ी चलाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. दिनेश की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीमें गठित की गई हैं, लेकिन वह अपने घर से गायब है और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है.
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