बिहार के अररिया जिले से अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है. यहां शादीशुदा महिला ने आरोप लगाया कि उसे अगवा कर कई महीनों तक बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसे शारीरिक प्रताड़ना दी गई और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया, साथ ही जबरन गोमांस खिलाने का भी आरोप है. इस गंभीर मामले में, पीड़ित महिला ने अररिया कोर्ट में 8 लोगों के खिलाफ एक परिवाद पत्र दायर किया है. बता दें कि मुख्य आरोपी मोहम्मद आलम महिला के पति का दोस्त था, जो अक्सर घर आता जाता था और पेशे से ड्राइवर था.
पीड़ित ने लगाया गोमांस खिलाने का आरोप
पीड़ित महिला ने यह गंभीर आरोप जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र के पलासी गांव के मो. आलम समेत कुल आठ लोगों पर लगाया है. महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसे अगवा कर भीमपुर, वीरपुर, सहरसा, और यहां तक कि दिल्ली तक में बंधक बनाकर रखा. महिला को कई महीने तक शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उस पर लगातार मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया. महिला ने बताया कि मोहम्मद आलम की पत्नी और साली उसे कलमा पढ़ने के लिए दबाव बनाते थे और उसे जबरन गाय का मांस (गोमांस) खिलाती थीं. मोहम्मद आलम उसके साथ आए दिन मारपीट करता था.
पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर अपने पति के साथ अररिया कोर्ट पहुंची और न्याय की गुहार लगाई. महिला ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ सीधे परिवाद पत्र दायर किया. पीड़िता के वकील ने बताया कि न्यायाधीश के सामने महिला की प्रस्तुति हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने फारबिसगंज थानाध्यक्ष को तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की आगे जांच करने का निर्देश दिया है.
सीमा क्षेत्र में जबरन धर्म परिवर्तन का एंगल
महिला के वकील ने इस मामले को 'लव जिहाद' से जुड़ा बताया है. गौरतलब है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जबरन धर्म परिवर्तन के लिए कथित तौर पर कई एजेंसियां काम कर रही हैं. इन क्षेत्रों में न केवल हिंदुओं को ईसाई या सिख धर्म में परिवर्तित करने के लिए विवश किया जाता है, बल्कि मुस्लिम बनाने के लिए भी काम किया जाता है. अररिया से सामने आया यह मामला इसी कड़ी का एक हिस्सा माना जा रहा है.
अररिया से अरुण कुमार की रिपोर्ट
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