हाल ही में बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप की Toyota Innova Hycross अचानक खराब हो गई. यूट्यूबर ने क्लेम किया कि कंपनी ने वारंटी देने से मना कर दिया. वीडियो के वायरल होने के बाद अब Toyota ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. टोयोटा का कहना है कि मनीष कश्यप की कार के इंजन में कोई कमी नहीं है, बल्कि समस्या की असली जड़ गाड़ी में डाला गया खराब ईंधन (फ्यूल) था. आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले पर कंपनी और एक्सपर्ट्स का क्या कहना है.
सर्विस सेंटर में हुआ था हाई-वोल्टेज ड्रामा
यूट्यूबर मनीष कश्यप ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दावा किया था कि उनकी महज 12,000 किलोमीटर चली इनोवा हाईक्रॉस अचानक बंद हो गई. कार के इंजन में तेज वाइब्रेशन और नॉकिंग की समस्या आ रही थी. सर्विस सेंटर में कार के फ्यूल टैंक को बाहर निकालने पर पेट्रोल का रंग बदला हुआ मिला था. मनीष कश्यप का आरोप था कि कार निर्माता E20 फ्यूल सपोर्ट का दावा तो करते हैं, लेकिन खराबी आने पर फ्यूल कंटामिनेशन का बहाना बनाकर वारंटी देने से मना कर रहे हैं.
इस पूरे विवाद पर टोयोटा के विक्रम गुलाटी ने कंपनी का पक्ष रखते हुए साफ किया है कि मनीष कश्यप की हाइक्रॉस के फ्यूल टैंक की जांच की गई थी और उसमें मिले ईंधन में गंभीर दिक्कत थी. उन्होंने कहा कि ईंधन की गुणवत्ता का सवाल पहले भी उठता रहा है और तेल कंपनियों को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. अगर ईंधन की क्वालिटी खराब होगी, तो उसका सीधा असर गाड़ी के टैंक और फ्यूल सिस्टम पर पड़ेगा. अब तक की जांच में यही बात सामने आई है कि कार में जो पेट्रोल था, उसकी क्वालिटी ठीक नहीं थी.
इंजन पूरी तरह से सुरक्षित, कार की हुई मरम्मत
टोयोटा ने ग्राहकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनके इंजन E20 ईंधन (20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) के लिए पूरी तरह से तैयार और सक्षम हैं. कंपनी ने मनीष कश्यप की शिकायत का निपटारा करते हुए उनकी गाड़ी को पूरी तरह ठीक कराकर उन्हें सौंप दिया है.
Hyundai के पुनीत आनंद ने भी इस मामले पर कहा कि हमारी रूटीन सर्विस के दौरान E20 ईंधन को लेकर ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आई है. सभी टेस्ट बाकायदा BIS स्टैंडर्ड पर खरे उतरने के बाद ही इसे लागू किया गया है.
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एक्सपर्ट्स बोले- टैंक में पानी जाना नामुमकिन
इस बीच इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व चेयरमैन वर्तिका शुक्ला ने इस तकनीकी पहलू पर अहम जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए जा रहे E20 ईंधन में पानी होने का सवाल ही नहीं उठता. इसके अलावा, आज के समय में गाड़ियों के फ्यूल टैंक को जिस मॉडर्न तकनीक से बनाया जाता है, उसमें बाहर से पानी जा ही नहीं सकता. ऐसे में तेल कंपनियों द्वारा सप्लाई किए जा रहे ईंधन की शुद्धता को और बेहतर तरीके से मॉनिटर करने की जरूरत है ताकि ग्राहकों को ऐसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े.
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