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दिल्ली में अवैध कब्जों पर 'बेधड़क' चलेगा बुलडोजर, DDA की बैठक में LG के निर्देश, तैयार हुआ प्लान

Delhi News: दिल्ली के उपराज्यपाल ने तरनजीत सिंह संधू ने एक बड़ी बैठक की है. जिसमें राजधानी में अवैध कब्जों को हटाना, पानी की समस्या को दूर करना और ट्रैफिक को सुधारने पर जोर दिया है.

दिल्ली में अवैध कब्जों पर 'बेधड़क' चलेगा बुलडोजर,  DDA की बैठक में LG के निर्देश, तैयार हुआ प्लान
दिल्ली के उपराज्यपाल ने ली DDA की बैठक
नई दिल्ली:

दिल्ली में भविष्य की समस्याओं को दूर करने के लिए उपराज्यपाल ने नया प्लान तैयार किया है. एलजी तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की 'एडवाइजरी काउंसिल' के साथ एक अहम बैठक की है. इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर बात हुई है. जिसमें दिल्ली से अवैध कब्जों को हटाना, जिस पर 'जीरो-टॉलरेंस' नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा शहरी विकास की नई रूपरेखा तैयार करना और पानी की समस्या को दूर करने के साथ-साथ भविष्य में ट्रैफिक की समस्याओं को नियंत्रित करने पर जोर दिया है. इस बैठक का एक्शन आने वाले दिनों में दिखेगा. 

दिल्ली का मास्टर प्लान

दिल्ली के उपराज्यपाल ने बताया कि हमने दिल्ली के आगामी मास्टर प्लान, नागरिक और संस्थागत ढांचे को मजबूत करने और शहर के लिए नियोजित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार विकास सुनिश्चित करने पर व्यापक चर्चा की है. डीडीए को निर्देश दिया कि वे जमीन के टुकड़ों और इमारतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके अवैध कब्ज़ों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएं, ताकि इनका तुरंत पता चल सके और तेजी से कार्रवाई की जा सके. इस बात को फिर से दोहराया कि दिल्ली की बदलती शहरी चुनौतियों से निपटने के लिए मिल-जुलकर काम करने, पारदर्शिता और टेक्नोलॉजी पर आधारित दृष्टिकोण ही मुख्य आधार है. एक सस्टेनेबल, मज़बूत और रहने लायक विकसित दिल्ली बनाने के अपने संकल्प को फिर से दोहराया है. 

दिल्ली को हरा भरा बनाना है

बैठक में दिल्ली में भविष्य की योजनाओं को तैयार करने पर जोर दिया गया. उपराज्यपाल ने कहा कि घरों की कमी, अनधिकृत कॉलोनियां, झुग्गी-बस्तियां, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और पानी की सुरक्षा को दिल्ली की सबसे बड़ी शहरी चुनौतियां हैं. लेकिन दिल्ली का विकास समावेशी टिकाऊ और भविष्य के हिसाब से होना चाहिए. राजधानी को ज्यादा हरा-भरा, रहने लायक और आर्थिक रूप से जीवंत शहर बनाने के लिए चार-स्तंभीय विजन पेश किया गया है. प्लान में किफायती घरों, पर्यावरण की स्थिरता, जीवन की गुणवत्ता और समावेशी मोबिलिटी को प्राथमिकता दी गई है. रोडमैप में मुख्य विकास और पुनर्विकास क्षेत्रों में 1,400 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा का इलाका शामिल है. मेट्रो कॉरिडोर के आसपास ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट के लिए 207 वर्ग किलोमीटर जमीन तय की गई है.  

दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना भी अहम

लैंड पुलिंग पॉलिसी के तहत 200 वर्ग किलोमीटर का विकास किया जाएगा. यमुना रिवरफ्रंट के विकास के लिए 100 वर्ग किलोमीटर का प्रस्ताव है. रिहायशी इलाकों के नियोजित विस्तार के साथ-साथ अनधिकृत कॉलोनियों, जेजे क्लस्टर और पुराने शहर के पुनर्विकास पर ध्यान दिया जाएगा. शहरी बाढ़, हीट आइलैंड, खराब होती हेरिटेज इमारतों और पानी की कमी से निपटने के उपाय सुझाए गए हैं. मोबिलिटी प्लान का मकसद मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन और बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के ज़रिए जाम-मुक्त दिल्ली बनाना है. विज़न में ज्यादा ग्रीन कवर, मजबूत पानी की सुरक्षा, सुरक्षित सड़कें, लॉजिस्टिक्स हब और दिल्ली की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कमर्शियल बाजारों का पुनर्विकास भी शामिल है.

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