टाटा ग्रुप ने अगले 5 साल के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है. कंपनी का कहना है कि वह अपने पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस को मिलाकर ऑटो बिजनेस का आकार 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना चाहती है. इसके लिए भारत में 40,000 करोड़ रुपए और Jaguar Land Rover (JLR) में करीब 20 अरब ब्रिटिश पाउंड का निवेश करने की योजना है. यह जानकारी टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने Tata Motors Passenger Vehicles की 81वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में दी.
पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस पर बड़ा दांव
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि अगले 5 साल यानी FY31 तक Tata Motors Passenger Vehicles और Jaguar Land Rover मिलकर 60 अरब डॉलर की बिक्री का लक्ष्य रख रहे हैं. इसमें Jaguar Land Rover का योगदान 45 से 50 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि Tata Motors का घरेलू बिजनेस करीब 15 अरब डॉलर का योगदान देगा. उन्होंने बताया कि दोनों कंपनियों का संयुक्त मुनाफा 5 अरब डॉलर से ज्यादा रहने का लक्ष्य है. वहीं, कमर्शियल व्हीकल बिजनेस का लक्ष्य 40 अरब डॉलर का है. इस तरह दोनों बिजनेस मिलकर 100 अरब डॉलर का ऑटो बिजनेस बनाने की योजना है.
भारत और JLR में होगा बड़ा निवेश
चंद्रशेखरन ने बताया कि अगले 5 साल में Tata Motors अपने घरेलू बिजनेस में 40,000 करोड़ रुपए का कैपेक्स करेगी. वहीं Jaguar Land Rover करीब 20 अरब ब्रिटिश पाउंड का निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी डिजिटल टेक्नोलॉजी, खासकर AI, पर भी तेजी से निवेश कर रही है. Tata Motors Passenger Vehicles और JLR के बीच मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और लोगों की क्षमता को लेकर सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. तमिलनाडु के पनपक्कम, रानीपेट में Tata Motors Passenger Vehicles और JLR की नई फैक्ट्री का शुरू होना भी कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है. इस ग्रीनफील्ड प्लांट में आने वाली नई जनरेशन की गाड़ियां और इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाए जाएंगे.
10 गुना ग्रोथ और 20% मार्केट शेयर का लक्ष्य
कंपनी का कहना है कि FY20 से FY30 के बीच वह अपनी बिक्री की संख्या 10 गुना बढ़ाना चाहती है. लक्ष्य 12 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेचने और मौजूदा 14.2% मार्केट शेयर को बढ़ाकर 20% तक पहुंचाने का है. चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी आगे भी ऐसे नए प्रोडक्ट लॉन्च करेगी, जो आज के ग्राहकों की पसंद और जरूरत के मुताबिक हों. उन्होंने बताया कि FY27 की शुरुआत मजबूत रही है. Tata Motors Passenger Vehicles और Jaguar Land Rover, दोनों के पास नई गाड़ियों और नए पावरट्रेन की मजबूत पाइपलाइन है. JLR इस साल की दूसरी छमाही में कई नए मॉडल लॉन्च करेगी.
EV में मजबूत पकड़ बनाए रखने की तैयारी
चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी EV सेगमेंट में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखना चाहती है. फिलहाल Tata Motors की EV मार्केट में करीब 42% हिस्सेदारी है. अगले कुछ सालों में इसे 40% से 45% के बीच बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसा मोबिलिटी ब्रांड बनाना चाहती है, जिस पर ग्राहक भरोसा करें और जो भारत के साथ-साथ दुनिया भर में मजबूत पहचान बनाए. उन्होंने पैसेंजर व्हीकल और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने के फैसले को भी भविष्य की तैयारी की दिशा में बड़ा कदम बताया.
JLR को झटका, लेकिन भारत में मजबूत रही ग्रोथ
चंद्रशेखरन ने कहा कि FY26 की शुरुआत अच्छी रही थी और उम्मीद थी कि दुनिया की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे बेहतर होगी. लेकिन बाद में पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों ने हालात बदल दिए. उन्होंने बताया कि JLR में साइबर घटना की वजह से करीब 2 महीने तक प्रोडक्शन रोकना पड़ा. इसका असर कंपनी की कमाई पर पड़ा और रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 21% घटकर करीब 23 अरब ब्रिटिश पाउंड रह गया. हालांकि उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बीच भारत में Tata Motors ने मजबूत प्रदर्शन किया.
कोविड के बाद कंपनी ने अपने बिजनेस में बड़ा बदलाव किया है. पहले जहां हर साल करीब 4,000 करोड़ रुपए का कैश बर्न होता था, वहीं अब कंपनी 2,000 करोड़ रुपए का पॉजिटिव कैश फ्लो बना रही है. इसके साथ EBITDA में 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का सुधार आया है. वहीं, नए प्रोडक्ट लॉन्च की बदौलत कंपनी का मार्केट शेयर 4.2% से बढ़कर 14.2% तक पहुंच गया है. चंद्रशेखरन ने कहा कि JLR में आई अस्थायी दिक्कतों के बावजूद भारत में पैसेंजर व्हीकल की मजबूत मांग और प्रोडक्शन के सामान्य होने से कंपनी को आने वाले समय को लेकर पूरा भरोसा है.
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