अगर आप दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम या गाजियाबाद के बीच रोजाना सफर करते हैं, तो दिल्ली बॉर्डर पर लगने वाला लंबा ट्रैफिक जाम आपके लिए एक बड़ा सिरदर्द होगा. लेकिन अब दिल्ली नगर निगम दिल्लीवालों को इस जाम से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने जा रही है. MCD ने दिल्ली के सभी 154 एंट्री पॉइंट्स पर नेशनल हाईवे के FASTag जैसा एक बेहद एडवांस और 'बैरियरलेस' टोल सिस्टम लगाने का फैसला किया है. इस नए सिस्टम के आने के बाद गाड़ियों को टोल टैक्स देने के लिए बॉर्डर पर रुकने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी. गाड़ियां अपनी सामान्य रफ्तार में बॉर्डर पार करेंगी और उनका टैक्स अपने आप कट जाएगा.
क्या है 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' सिस्टम?
MCD दिल्ली के सभी बॉर्डर्स पर 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) तकनीक को लागू करने जा रही है. यह एक ऐसा ऑटोमैटिक सिस्टम होता है जहां सड़क पर कोई फिजिकल बैरियर या बूम-बरियर नहीं लगाया जाता है. जब कोई गाड़ी इस टोल जोन से गुजरेगी, तो वहां लगे हाई-टेक सेंसर्स गाड़ी की पहचान कर लेंगे और मालिक के अकाउंट से पैसे कट जाएंगे. इस पूरे प्रोजेक्ट को डिजाइन करने, लागू करने और अगले 5 साल तक मेंटेन करने के लिए MCD ने आधिकारिक तौर पर टेंडर भी जारी कर दिए हैं.
RFID और ANPR कैमरों का डबल कॉम्बिनेशन
इस बैरियरलेस टोल सिस्टम को पूरी तरह सटीक बनाने के लिए दो बेहतरीन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. पहला है RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग और दूसरा है ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे. जब कोई गाड़ी बॉर्डर से गुजरेगी, तो सड़क के ऊपर लगे हाई-डेफिनिशन ANPR कैमरे तुरंत गाड़ी की नंबर प्लेट को रीड कर लेंगे. इसके साथ ही RFID रीडर गाड़ी पर लगे टैग को स्कैन कर लेगा. इन दोनों तकनीकों के मिलन से बिना किसी गड़बड़ी के टैक्स की वसूली सेकेंडों में हो जाएगी.
दिल्ली में प्रदूषण का एक बड़ा कारण बॉर्डर्स पर गाड़ियों का रेंगना और भारी वाहनों का खड़े रहकर धुआं छोड़ना है. गाजीपुर बॉर्डर, रजोकरी बॉर्डर और दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर इस नए सिस्टम के लगने से सबसे बड़ा फायदा मिलेगा. जब गाड़ियां बिना रुके सीधे निकल जाएंगी, तो ईंधन की बर्बादी कम होगी. इससे बॉर्डर वाले इलाकों में हवा की क्वालिटी बेहतर होगी और दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने में बड़ी मदद मिलेगी.
बिना टैक्स दिए भागे तो खैर नहीं
कई लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि अगर बैरियर नहीं होगा, तो क्या लोग बिना टैक्स दिए भाग जाएंगे? तो आपको बता दें कि इस सिस्टम में चूक की गुंजाइश न के बराबर है. अगर किसी गाड़ी के वॉलेट में पैसे नहीं हैं या वो बिना टैक्स दिए निकलती है, तो ANPR कैमरे उसकी नंबर प्लेट की फोटो कैप्चर कर लेंगे. इसके बाद उस गाड़ी का डेटा सीधे केंद्रीय डेटाबेस में चला जाएगा और गाड़ी के मालिक के घर पर भारी जुर्माने के साथ ई-चालान भेज दिया जाएगा.
कब तक शुरू हो जाएगा नया सिस्टम?
MCD ने इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है. टेंडर फाइनल होने के बाद चुनी गई कंपनी को दिल्ली के सभी 154 प्रवेश द्वारों पर बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ महीनों में इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा, जिसके बाद दिल्ली के बॉर्डर्स पूरी तरह डिजिटल और जाम-मुक्त हो जाएंगे.
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