आजकल की नई कारें और बाइक्स में इंटरनेट, ब्लूटूथ, जीपीएस और टचस्क्रीन जैसी ढेरों एडवांस तकनीक मिलती है. तकनीक जितनी बढ़ रही है, गाड़ियों के हैक होने या डिजिटल तरीके से चोरी होने का खतरा भी उतना ही बढ़ रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार गाड़ियों के लिए कड़े साइबर सुरक्षा नियम (CSMS) लागू करने जा रही है. इसके साथ ही गाड़ियों में ओटीए (OTA - Over The Air) अपडेट की सुविधा मिलने वाली है. इससे एक आम कार या बाइक मालिक को क्या बड़े फायदे मिलेंगे, आइए समझते हैं.
1. घर बैठे गाड़ियां होंगी अपग्रेड
जैसे आपके स्मार्टफोन में घर बैठे-बैठे ही नया सॉफ्टवेयर या सिक्योरिटी अपडेट आ जाता है, ठीक वैसे ही अब आपकी गाड़ियों के साथ भी होगा. अगर कंपनी को गाड़ी के माइलेज, फीचर्स या इंजन परफॉर्मेंस को सुधारना है, तो आपको अपनी गाड़ी लेकर सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. गाड़ी घर के गैरेज में खड़े-खड़े ही इंटरनेट के जरिए ऑटोमैटिक अपडेट हो जाएगी. इससे आपका कीमती समय और सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने की मेहनत दोनों बचेंगे.
2. 'स्मार्ट चोरों' और हैकिंग से मिलेगी सुरक्षा
आजकल की गाड़ियों में इंटरनेट और रिमोट फीचर्स होते हैं, इसलिए हैकर्स द्वारा इन्हें टारगेट किए जाने का खतरा रहता है. नए साइबर सुरक्षा नियम आने के बाद गाड़ियों का सिस्टम इतना मजबूत हो जाएगा कि कोई भी हैकर आपकी चलती गाड़ी का ब्रेक, स्टीयरिंग या इंजन रिमोटली कंट्रोल नहीं कर सकेगा.
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3. कार चोरी होने का खतरा होगा लगभग खत्म
आजकल के चोर भी हाईटेक हो चुके हैं. वे चाबी की क्लोनिंग (नकल) करके या गाड़ी के सॉफ्टवेयर को बाईपास करके चंद मिनटों में करोड़ों की गाड़ी उड़ा ले जाते हैं. लेकिन नए नियमों के तहत गाड़ियों के 'इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट' (ECU) की सुरक्षा को बेहद कड़ा किया जा रहा है. इसके बाद गाड़ियों के डिजिटल लॉक को क्रैक करना या बाईपास करना चोरों के लिए लगभग नामुमकिन हो जाएगा.
4. आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा रहेगा सेफ
जब आप अपनी कार में ब्लूटूथ या केबल के जरिए अपना फोन कनेक्ट करते हैं, तो आपकी लोकेशन हिस्ट्री, कॉन्टैक्ट लिस्ट और पर्सनल मैसेज गाड़ी के इंफोटेनमेंट सिस्टम में सेव हो जाते हैं. नए साइबर सुरक्षा नियमों के लागू होने के बाद इस डेटा की सुरक्षा कंपनियों की जिम्मेदारी होगी.
5. सॉफ्टवेयर की कमियां तुरंत होंगी दूर
कई बार गाड़ियों के सॉफ्टवेयर प्रोग्राम में कोई कमी या बग रह जाता है, जिससे गाड़ी के किसी फंक्शन में खराबी आ सकती है. पहले ऐसी स्थिति में कंपनियों को हजारों गाड़ियों को वापस बुलाना पड़ता था. लेकिन अब ओटीए अपडेट की मदद से कंपनी तुरंत एक 'सिक्योरिटी पैच' जारी कर देगी. आपकी गाड़ी बिना किसी एक्सीडेंट या खराबी की आशंका के तुरंत और सुरक्षित तरीके से अपडेट हो जाएगी.
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