सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वायर वीडियो में एक इंजीनियरिंग छात्र अपनी इलेक्ट्रिक कार की बैटरी घर पर ठीक करता दिखाई दे रहा है. वीडियो के साथ किए जा रहे दावे के मुताबिक, कंपनी ने रिपेयरिंग के लिए काफी ज्यादा रकम बताई थी और जरूरी पार्ट्स आने में कई दिन लगने की बात कही थी.
जिसके बाद छात्र ने खुद खराबी का पता लगाने और उसे ठीक करने का फैसला किया. वीडियो के अनुसार, उसने कार के कुछ पार्ट्स को ओपन किया, बैटरी पैक तक पहुंचा, खराबी की पहचान की और करीब दो दिन में मरम्मत पूरी कर दी. हालांकि, इन दावों को वेरिफाई नहीं किया जा सका है.
महंगी मरम्मत से बचने का दावा
वीडियो के साथ किए जा रहे दावों के मुताबिक, अधिक मरम्मत खर्च और पार्ट्स के लिए इंतजार से बचने के लिए छात्र ने खुद कार पर काम शुरू किया था. दावा किया जा रहा है कि उसने बैटरी पैक खोला और उसमें आई खराबी को ठीक किया. इसके बाद कार नॉर्मल तरीके से चलने लगी. वीडियो को लेकर ये भी दावा भी किया जा रहा है कि इस तरीके से मरम्मत पर ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर की बताई गई रकम की तुलना में काफी कम खर्च आया.
हालांकि, वीडियो में दिखाई जा रही कार का मॉडल, बैटरी में आई तकनीकी खराबी, कंपनी की ओर से बताई गई मरम्मत लागत और मरम्मत के बाद कार की स्थिति के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है.
वीडियो देखकर लोगों के रिएक्शन
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने छात्र के टेक्निकल नॉलेज और खुद समस्या हल करने की कोशिश की तारीफ की. कुछ यूजर्स ने महंगी EV मरम्मत लागत को लेकर भी सवाल उठाए. लेकिन कई लोगों ने इस तरह की रिपेयर को घर पर करने के खिलाफ चेतावनी दी. उनका कहना है कि EV की हाई-वोल्टेज बैटरी सामान्य कार की बैटरी जैसी नहीं होती है.
कुछ लोगों ने कहा कि बैटरी पैक में छोटी सी चिंगारी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है. वहीं, कुछ यूजर्स ने यह सवाल भी उठाया कि अगर बाद में बैटरी में कोई दूसरी खराबी आती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.
EV बैटरी खोलना क्यों हो सकता है खतरनाक?
इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल होने वाली ट्रैक्शन बैटरी कई सौ वोल्ट पर काम कर सकती है और बेहद ज्यादा करंट दे सकती है. ऐसी बैटरी पर काम करने के लिए ट्रेन्ड टेकनीशियन, इंसुलेटेड टूल्स, सही आइसोलेशन प्रोसेस और सेफ्टी डिवाइस की जरूरत होती है. बिना सही ट्रेनिंग और डिवाइस के बैटरी पैक खोलने पर बिजली का झटका, आर्क फ्लैश, आग या थर्मल रनअवे जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं. यही वजह है कि ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर में भी हाई-वोल्टेज बैटरी को खोलने और उस पर काम करने के दौरान बेहद सावधानी बरती जाती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं