Surya Grahan 2026 kab lagega: साल 2026 के दूसरे महीने यानि 17 फरवरी 2026 को लगे सूर्यग्रहण के बाद एक बार फिर इस महत्वपूर्ण खगोलीय घटना को देखने के लिए तैयार हो जाइए. पंचांग के अनुसार साल का दूसरा और पूर्ण सूर्य ग्रहण अगले महीने 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण स्पेन में आइसलैंड, ग्रीनलैंड तथा उत्तरी रूस के मार्ग में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा. साल 2026 की यह खगोली घटना यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में भी आंशिक रूप से दिखाई देगी.
कब कहां दिखेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण?

स्पेन में आइसलैंड के स्थानिक समय के अनुसार शाम 4:45 बजे सूर्य ग्रहण प्रारंभ होगा और 5:48 के बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण के कारण पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा. भारतीय समय अनुसार रात्रि में 9:04 बजे यह ग्रहण प्रारंभ होगा. भारत में रात्रि होने के कारण यहां से यह ग्रहण दृष्ट गोचर नहीं होगा. भारतीय समय अनुसार रात्रि 9:04 बजे यह सूर्य ग्रहण प्रारंभ होकर रात्रि 11:16 बजे अपने पूर्ण रूप को धारण करेगा (अर्थात जब सूर्य पूरी तरीके से ढक जाएगा और ग्रहण अपने चरम को प्राप्त कर लेगा). सूर्य ग्रहण का मोक्ष 13 अगस्त 2026 को प्रातःकाल 04:25 पर होगा.
कब से लगेगा सूर्यग्रहण का सूतक?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले ही लग जाता है. ऐसे में 12 अगस्त को प्रातः 9:04 से ही इसका सूतक प्रारंभ होगा लेकिन भारत में यह सूर्य ग्रहण दृष्टिगोचर नहीं है, इसलिए यहां पर यह सूतक मान्य नहीं होगा.
सूर्य ग्रहण का दुनिया पर क्या पड़ेगा प्रभाव?

कर्क एवं सिंह सूर्य संक्रांति संधि के समय में (अर्थात जब सूर्य कर्क से सिंह में जा रहा है) उसी समय यह ग्रहण हो रहा है. ग्रहण के समय स्थानिक समय के अनुसार वृश्चिक लग्न उदय होगा. जिसके अनुसार कर्क राशि में सूर्य, चंद्रमा, बृहस्पति एवं बुध एक साथ एकत्रित होंगे. मंगल मिथुन राशि में होगा. एकादश भाव में शुक्र पंचम में शनि और चतुर्थ में राहु तथा दशम में केतु होगा. लग्नाधिपति अपने से अष्टम स्थिति में होने के कारण, इस ग्रहण का कुछ नकारात्मक प्रभाव दुनिया में देखने को मिलेगा.
युद्ध, प्राकृतिक आपदा और बड़े राजनीतिक बदलाव होंगे!
निश्चित तौर पर सूर्य ग्रहण के प्रभाव के चलते कुछेक प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं. यह ग्रहण पृथ्वी के उत्तरी देश में या फिर पूर्व दक्षिण एशियाई क्षेत्र को खासा प्रभावित करेगा. जिसके कारण यहां प्राकृतिक आपदाएं, युद्ध की घटनाएं और तनाव जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं. हालांकि बहुत सारे देशों में सत्ता रिफॉर्म की स्थिति बनती हुई नजर आ रही है. कुछेक जगहों पर जन आंदोलन या सत्ता के विरोध में आंदोलन की स्थिति बन सकती है. सूर्य ग्रहण के प्रभाव के चलते कुछ देशों में युद्ध के जरिए नए रास्ता निकालने की कोशिश होगी. जिसका आने वाले समय में विश्व पर सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलेगा. यह ग्रहण विश्व में बड़े बदलाव की स्थिति को उत्पन्न कर रहा है, जो एक नई व्यवस्था की तरफ विश्व को आगे बढ़ा रहा है.
बढ़ेगी महंगाई और गिरेगा सोने का भाव!
तकनीकी एवं औद्योगिक क्षेत्र में महंगाई की स्थिति उत्पन्न होगी. बहुत सारी नौकरियों में छटनी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. जिसका असर अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के देशों में तथा भारतीय क्षेत्र में भी पड़ सकता है. खाद्य सामग्री महंगी हो सकती है. कमोडिटी तथा शेयर बाजार में उछाल तो देखने को मिलेगा लेकिन साथ में संतुलन भी देखने को मिलेगा. कहने का तात्पर्य यह कि बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव हो सकते हैं.
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अगस्त के महीने में सोने का भाव गिर सकता है. अमेरिकी डॉलर का भी भाव रुपए के मुकाबले डाउन हो सकता है. इस ग्रहण के बाद भारत में भी सत्ता के विरोध में कई आंदोलन देखने को मिलेंगे. कई भ्रष्टाचार उजागर हो सकते हैं, जिसका दबाव सरकार पर बन सकता है. इस ग्रह का दूरगामी प्रभाव फरवरी 2027 तक देखने को मिल सकता है.
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