सावन महीने में भगवान शिव की पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को मनोवांछित फल, मानसिक शांति और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस साल का सावन मास बेहद खास रहने वाला है. दरअसल, इस महीने में इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण लगने जा रहे हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि साल का आखिरी चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण कब लगेगा. इसकी जानकारी पंडित कौशल पाण्डेय ने NDTV से बातचीते के दौरान दी है. आइए जानते हैं.
कब लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण?
पंडित कौशल पाण्डेय के अनुसार साल 2026 के सावन के महीने में दो ग्रहण (सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण) लगने जा रहे हैं. सावन महीने की अमावस्या, 12 अगस्त 2026 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा, वहीं इसके 15 दिन बाद सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन, 28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा.
सूर्य ग्रहण का समय

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साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण एक कंकणाकृति सूर्यग्रहण होगा जो कि 12 अगस्त 2026 बुधवार के दिन लगेगा. यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा. श्रावण मास कृष्ण पक्ष अमावस्या बुधवार, 12 अगस्त 2026 रात्रि काल 21:04 बजे से मध्यरात्रि उपरांत 4:25 बजे तक रहेगा. ये सूर्य ग्रहण अधिकांश यूरोपीय देश जैसे कनाडा, रूस का उत्तर पूर्वी क्षेत्र, उत्तर पश्चिम अफ्रीका में दिखेगा. इसके अलावा खग्रास रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, आर्कटिक, उत्तरी स्पेन, अटलांटिक महासागर, पुर्तगाल के सुधार उत्तर पूर्वी क्षेत्र में, खंड ग्रास के रूप में फ्रांस, ब्रिटेन, यूरोप के अधिकतर देशों और इटली में दिखेगा. हालांकि, साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा.
चंद्र ग्रहण का समय
पंडित कौशल पाण्डेय के अनुसार साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 सुबह 8:04 बजे से दोपहर 11:22 बजे तक रहेगा. साथ ही ये खण्डग्रास ग्रहण रहेगा और यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा. ये ग्रहण अफ्रीका, उत्तर दक्षिण अमेरिका और यूरोप के अधिकतर क्षेत्रों, दक्षिणी पश्चिमी एशिया के देशों, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इराक, ईरान, सऊदी अरब, शारजाह, हिंद-प्रशांत महासागर में दिखेगा. हालांकि, ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा जिससे इसका कोई सूतक भी मान्य नहीं होगा और न ही इसका कोई धार्मिक प्रभाव होगा इसलिए इस ग्रहण के दौरान आप सभी कार्य निर्विवाद रूप से संपादित कर सकते हैं.

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
ग्रहण के समय समय कोई भी शुभ कार्य न करें. ग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जररूतमंदों को वस्त्र और उनकी आवश्यक वस्तु दान करने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है.
सूर्य ग्रहण के उपाय
अमावस्या पर लग रहे सूर्य ग्रहण का असर भारत में नहीं होगा लेकिन सावधानी के तौर पर इस दिन कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य ग्रहण की अशुभ छाया से बचने के लिए आदित्य ह्दय स्तोत्र का जाप करना चाहिए. साथ ही जिनकी कुंडली में सूर्य ग्रह कुपित हो उन्हें इस दिन सूर्य अष्टकम स्तोत्र का पाठ करना चाहिए इससे सूर्य मजबूत होता है और व्यक्ति के आत्मविश्वास, मान-सम्मान, बल में वृद्धि होती है.
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