अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कूटनीतिक बातचीत (Diplomatic Talks) से सुलझाने के प्रयासों और वीकेंड में दोनों देशों की ओर से हमले रुकने की खबरों के चलते ये नरमी आई है. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें सोमवार को 90 डॉलर/ बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे आ गईं. इन्वेस्टिंग डॉट कॉम के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 5% से ज्यादा की गिरावट के साथ 87.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. वहीं, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 5.23% टूटकर 84.64 प्रति बैरल पर पहुंच गया.
क्यों गिरे कच्चे तेल के दाम?
पिछले हफ्ते ही मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण सऊदी अरब का लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के जरिए होने वाला निर्यात बाधित हुआ था, जिससे ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था. अब तेल की कीमतों में आई बड़ी नरमी के पीछे दो प्रमुख फैक्टर हैं.
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अमेरिका-ईरान हमलों पर रोक: रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दो हफ्तों से जारी भीषण हमलों के बाद सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले रोक दिए हैं. ईरान ने संकेत दिया है कि जब तक अमेरिका हमले नहीं करेगा, वह भी कार्रवाई रोके रहेगा. इससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य होने और तनाव कम होने की उम्मीद जगी है.
चीन के समर्थन से बातचीत की पहल: पाकिस्तान ने चीन के समर्थन से वाशिंगटन (अमेरिका) और तेहरान (ईरान) के बीच राजनयिक वार्ता को फिर से शुरू करने के प्रयास किए हैं. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों का आवागमन बाधित होने से चीन के व्यापारिक और रणनीतिक हित प्रभावित हो रहे थे, जिसके चलते बीजिंग इस पहल का समर्थन कर रहा है.
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम हुए?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम कम होने का भारत पर तुरंत असर नहीं पड़ा है. कारण कि तेल का कारोबार वायदा कीमतों पर होता है और फिलहाल भारत में मौजूद तेल, पिछले हफ्ते की ऊंची कीमतों या आज गिरी कीमतों के अनुसार आयात वाला नहीं है.
बता दें कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड की कीमतों में गिरावट भारत की अर्थव्यवस्था, आयात बिल और महंगाई दर (Inflation) को नियंत्रित करने के लिहाज से राहत की खबर है. हालांकि, आगे घरेलू ईंधन की दरों पर इसका अंतिम असर क्रूड की कीमतों के रुख पर निर्भर करेगा.
27 जुलाई को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम (प्रति लीटर)
- दिल्ली: ₹102.12
- मुंबई: ₹111.12
- कोलकाता: ₹113.43
- चेन्नई: ₹107.75
- हैदराबाद: ₹115.69
- बेंगलुरु: ₹110.93
27 जुलाई को देश के प्रमुख शहरों में डीजल के दाम (प्रति लीटर)
- दिल्ली: ₹95.20
- मुंबई: ₹97.78
- कोलकाता: ₹99.78
- चेन्नई: ₹99.57
- हैदराबाद: ₹103.82
- बेंगलुरु: ₹98.79
भले ही वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की दरें घरेलू ईंधन कीमतों को तय करने का सबसे बड़ा कारक हैं, लेकिन केवल यही एकमात्र कारक नहीं है. भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम में केंद्र सरकार के कर (Excise Duty), राज्यों के वैट (VAT), रिफाइनिंग मार्जिन, माल ढुलाई/वितरण लागत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (Rupee vs Dollar) की विनिमय दर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
(इनपुट: NDTV Profit, Investing.com, Reuters से भी)
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