Off Beat News: भारत में जिन कॉकरोच को देखकर अक्सर लोग चप्पल उठा लेते हैं, वही अब जान बचाने वाले 'सुपरहीरो' बनने जा रहे हैं. सिंगापुर और जापान के वैज्ञानिकों ने मिलकर इन सायबॉर्ग कॉकरोचों (Cyborg Cockroaches) के लिए दुनिया का सबसे छोटा डाइविंग सूट (World's Smallest Diving Suit) तैयार किया है, जिसे पहनकर वे पानी के नीचे 3 घंटे तक जिंदा रह सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि आपदा के समय यह डाइविंग सूट कॉकरोचों को पहनाकर मलबे के नीचे दबे इंसानों का रेस्क्यू किया जा सकेगा.
जासूस तो पहले ही थे, पर पानी से लगता था डर
इनकी पीठ पर इंफ्रारेड कैमरे, सेंसर और इलेक्ट्रोड्स बांधकर इन्हें रेस्क्यू मिशन पर भेजा जाता है. मार्च 2025 में म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप के दौरान भी 10 ऐसे ही जासूस कॉकरोचों ने बचाव दल की काफी मदद की थी. लेकिन इस तकनीक में एक बहुत बड़ी खामी थी. अगर भारी बारिश की वजह से मलबे में पानी भर जाए, तो ये काम नहीं कर पाते थे क्योंकि कॉकरोच पानी के भीतर सांस नहीं ले सकते. इसी बड़ी रुकावट को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों ने यह नन्हा डाइविंग सूट डिजाइन किया है.
अब पीठ पर फिट कर दिया है ऑक्सीजन सिलेंडर
इंसानों की तरह कॉकरोच के पास फेफड़े नहीं होते. वे अपने शरीर पर मौजूद छोटे-छोटे छेदों से सांस लेते हैं. इस 3D-प्रिंटेड डाइविंग सूट में एक छोटा सा ऑक्सीजन टैंक, एक लचीला कवर और चार पतली सिलिकॉन पाइपें लगी हैं. टैंक के अंदर हाइड्रोजन पेरोक्साइड और मैंगनीज डाइऑक्साइड का एक आसान सा केमिकल रिएक्शन कराया जाता है, जिससे अपने आप ताजी ऑक्सीजन गैस बनने लगती है. यह ऑक्सीजन पतली पाइपों के जरिए सीधे कॉकरोच के सांस लेने वाले छेदों तक पहुंचती है.
बिना पंख वाले कॉकरोच को पहनाएंगे रिमूवेबल सूट
इस खतरनाक काम के लिए वैज्ञानिकों ने 'मेडागास्कर हिसिंग कॉकरोच' को चुना है. ये कॉकरोच साइज में 7 सेंटीमीटर से भी ज्यादा बड़े और शरीर से बेहद मजबूत होते हैं. सबसे कमाल की बात यह है कि इनके पंख नहीं होते, इसलिए इनकी पीठ पर गैजेट्स और सूट फिट करना बहुत आसान होता है.
पाइपलाइन की लीकेज ढूंढने में भी आएगा काम
फेमस साइंस मैगजीन 'नेचर कम्युनिकेशंस' में पब्लिश इस रिसर्च के मुताबिक, यह तकनीक सिर्फ इंसानों को बचाने तक ही सीमित नहीं रहेगी. अभी इस सूट की टेस्टिंग नकली आपदा वाले माहौल में की जा रही है, ताकि इसे और ज्यादा रफ-एंड-टफ बनाया जा सके. भविष्य में इसमें GPS भी जोड़ा जाएगा. इसके बाद, इस सायबॉर्ग कॉकरोच आर्मी का इस्तेमाल पानी से भरे अंडरग्राउंड पाइपों और लंबी सुरंगों की लीकेज ढूंढने के लिए भी किया जाएगा, जहां इंसानों का पहुंचना नामुमकिन है. वैज्ञानिकों की योजना आगे चलकर इस डाइविंग सूट को टिड्डियों और बीटल्स जैसे दूसरे कीड़ों पर भी आजमाने की है.
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