Viral News: भारत में शादियों के दौरान लड़की पक्ष की ओर से दी जाने वाली नकद राशि और सामान को 'दहेज' कहा जाता है, जिसे कानूनन अपराध माना गया है. लेकिन मलेशिया की संस्कृति कुछ अलग है. वहां 'ब्राइड प्राइस' नाम की एक प्रथा है, जिसमें लड़के को दुल्हन के पिता को एक तय रकम चुकानी होती है. इसे वहां रस्म माना जाता है, अपराध नहीं. लेकिन, यही रस्म जब प्यार के रास्ते में बाधा बन जाए, तो क्या होता है? मलेशिया के एक 31 वर्षीय युवक की कहानी यही सवाल खड़े कर रही है.
फर्स्ट इंप्रेशन बन गया था लास्ट
31 साल के इस युवक की फेसबुक पर अपनी पहचान छिपाते हुए किसी फिल्म के 'फ्लैशबैक' की तरह अपनी कहानी बताई है. उसने बताया कि 4 साल पहले जब वह पहली बार अपनी प्रेमिका के परिवार से मिलने गया, तो रास्ते में गाड़ी का टायर पंचर होने के कारण उसे पहुंचने में एक घंटा देरी हो गई. युवक ने ईमानदारी से माफी मांगी, लेकिन होने वाले ससुर ने इसे उसकी 'अविश्वसनीयता' मान लिया. उस एक घटना के बाद, युवक ने चाहे कितनी भी कोशिशें कीं, त्योहारों पर तोहफे देना हो या घर के छोटे-मोटे काम करना, ससुर की नजरों में वह कभी 'सफल' नहीं हो पाया.
11 लाख रुपये ब्राइड प्राइस की मांग
मामला तब बिगड़ा जब बात शादी तक पहुंची. युवक का आरोप है कि उसके होने वाले ससुर ने रजामंदी के बदले 50,000 रिंगित (करीब 11 लाख रुपये) की 'ब्राइड प्राइस' की मांग रख दी. एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवक के लिए यह रकम जुटाना आसान नहीं है. अब उसे यह साफ महसूस हो रहा है कि यह पैसे की मांग नहीं, बल्कि उसे इस रिश्ते से बाहर करने का एक तरीका है.
'रातों-रात अमीर नहीं बन सकता'
युवक का कहना है कि जब भी शादी की बात छिड़ती है, ससुर उसके करियर और आर्थिक हालात पर ताने कसते हैं. उसे सेमिनार और वर्कशॉप में जाने पर भी टोका जाता है. युवक का दर्द बयां करते हुए कहना है, 'मैंने सालों की मेहनत से अपना करियर बनाया है. मैं यह नहीं कहता कि मैं अपनी पार्टनर को अच्छी जिंदगी नहीं देना चाहता, लेकिन मैं कोई जादूगर नहीं हूं जो रातों-रात अमीर बन जाऊं.'
'पैसे नहीं हैं तो शादी में जल्दबाजी मत करो'
सोशल मीडिया पर यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है. जहां एक तरफ प्रेमिका अपने पिता के सामने युवक का बचाव कर रही है, वहीं पिता का रुख आज भी सख्त बना हुआ है. ससुर का साफ कहना है, 'अगर 11 लाख रुपये का इंतजाम नहीं कर सकते, तो शादी की इतनी जल्दबाजी मत करो.' इस वजह से मजबूरन लड़के को लड़की से शादी के लिए फिलहाल बाय-बाय कहना पड़ा है.
यह पुरानी सांस्कृतिक परंपरा दुनिया के कई हिस्सों, जैसे मलेशिया, चीन और अफ्रीकी देशों में आज भी निभाई जाती है, जहां इसे लड़की के परिवार को पालने-पोषने के सम्मान और मुआवजे के रूप में देखा जाता है.
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दो खेमों में बंट गए हैं. कुछ लोग इसे एक जायज रस्म मान रहे हैं, तो वहीं ज्यादातर लोग इसे पिता का एक ऐसा तरीका बता रहे हैं जिससे वे जबरन इस रिश्ते को तोड़ना चाहते हैं. फिलहाल, यह कहानी उन रिश्तों की हकीकत बयां कर रही है जहां प्यार के सामने अक्सर पैसों की 'दीवार' खड़ी कर दी जाती है.
ये भी पढ़ें:- बच्चों को फोन-टैबलेट से दूर रखने वाले पैरेंट्स तुरंत पढ़ें ये खबर, इस देश के शिक्षा विभाग ने दी बिल्कुल उलटी सलाह
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं