ब्रिटेन के डर्बीशायर (Derbyshire) के रहने वाले एक साल के रोरी पॉटर (Rory Potter) का जन्म जब हुआ था, तब उनके सिर की बनावट और बच्चों जैसी नहीं थी. स्काई न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों को जांच में पता चला कि रोरी 'सेगिटल क्रैनियोसिनोस्टोसिस' (sagittal craniosynostosis) नाम की एक बेहद दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं. ये बर्थ से जुड़ी एक ऐसी स्थिति है जो लगभग हर 2,000 बच्चों में से एक को होती है. इस बीमारी में जन्म से पहले ही बच्चे की खोपड़ी की हड्डियां आपस में जुड़ जाती हैं. इस वजह से दिमाग को बढ़ने की जगह नहीं मिलती और सिर का आकार लंबा और पतला हो जाता है. इलाज न होने पर बच्चे को देखने, सुनने और सांस लेने में दिक्कतें आ सकती थीं.
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डॉक्टरों का नया तरीका, रोरी को मिली नई जिंदगी
आमतौर पर इस बीमारी को ठीक करने के लिए डॉक्टर स्टील के स्प्रिंग का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ग्रेट ऑर्मंड स्ट्रीट अस्पताल (Great Ormond Street Hospital (GOSH)) और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के विशेषज्ञों ने इस बार कुछ नया करने की सोची. उन्होंने स्टील की जगह नाइटिनॉल धातु से बने स्प्रिंग का इस्तेमाल किया. ये एक खास तरह का एलॉय है, जो बहुत लचीला होता है और अपनी जगह अपने आप बना लेता है. डॉक्टरों ने बच्चे के सिर का 3D डिजिटल मॉडल बनाया ताकि एकदम सही नाप का स्प्रिंग लगाया जा सके.
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45 मिनट में सफल ऑपरेशन
इस नई टेक्निक की सबसे अच्छी बात ये रही कि ऑपरेशन सिर्फ 45 मिनट चला. बच्चे को बहुत कम खून की जरूरत पड़ी और अस्पताल में केवल एक रात रुकना पड़ा. रोरी के सिर में ये स्प्रिंग नौ हफ्ते तक लगे रहे, जिससे खोपड़ी का आकार धीरे-धीरे सही हो गया. इसके बाद डॉक्टरों ने स्प्रिंग को आसानी से बाहर निकाल लिया. रोरी की मां का कहना है कि, 'उनका बेटा अब पूरी तरह ठीक है, खुश है और बाकी बच्चों की तरह खेलकूद रहा है.'
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