Maharashtra News: विश्व हाथी दिवस (World Elephant Day 2026) के अवसर पर बुधवार को महाराष्ट्र के पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve) में भीमा और सुब्रह्मण्यम नाम के दो हाथियों का जन्मदिन मनाया गया. चोरबाहुली वाइल्डलाइफ रेंज में आयोजित हुए इस समारोह में पहले दोनों हाथियों की पारंपरिक रूप से पूजा की गई. उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाए गए, तिलक लगाया गया, माला पहनाई गई और फिर केक काटा गया. इस दौरान उन्हें सेब, केल, तरबूज, नारियल आदि प्रकार के फल भी खिलाए गए.
45 सेकंड के वीडियो में दिखी झलकियां
पेंच टाइगर रिजर्व और महाराष्ट्र वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुए इस कार्यक्रम का एक वीडियो भी जारी किया गया है. 45 सेकंड के इस वीडियो में रेंज के अंदर शानदार सजावट नजर आ रही है. प्रोग्राम स्थल के पास बाहर रंगोली बनाई गई है. दो साइड बैनर लगाए गए हैं, जिसमें सुब्रह्मण्यम की उम्र 27 साल और भीमा की उम्र 55 साल बताई गई है. वीडियो में केक की झलकियां भी दिखाई गई हैं, जिस पर अंग्रेजी में वर्ल्ड एलीफेंट डे लिखा हुआ है. केक पर हाथियों के चित्र बने हुए हैं, जो देखने में बहुत अच्छे लग रहे हैं.

हाथियों का पूजन करने के बाद आपने हाथों से फल खिलाते हुए अधिकारियों की तस्वीर.
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कार्यक्रम में महावतों को किया गया सम्मानित
इस दौरान हाथियों की देखभाल, प्रबंधन और कल्याण के लिए खुद को समर्पित करने वाले महावतों को भी सम्मानित किया गया है. वीडियो में उन्हें स्मृति चिन्ह लेते और रक्षक पावर फेन्सिंग लेते हुए साफ देखा जा सकता है. वीडियो में काफी लोगों को जमावड़ा दिख रहा है, जिन्होंने हाथियों को अपने हाथ से फल खिलाने के बाद अधिकायों संग फोटो भी खिंचवाई हैं.

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भारत में हैं कुल 33 हाथी रिजर्व: पीएम मोदी
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भी एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था, 'यह खुशी की बात है कि दुनिया के 60% से ज्यादा जंगली एशियाई हाथी भारत में पाए जाते हैं. हमारे देश में 33 हाथी रिजर्व हैं, जो हाथियों को रहने की जगह देते हैं और उनके लंबे समय तक संरक्षण की हमारी कोशिशों को मजबूत करते हैं. हमें उन सभी वन कर्मियों, वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों, महावतों और स्थानीय समुदायों पर भी गर्व है जो इन सभी कोशिशों में अहम भूमिका निभाते हैं.'
On World Elephant Day, we celebrate the majestic elephant which has remained an integral part of India's ecological heritage. It is gladdening that India is home to over 60% of the world's wild Asian elephants. Our nation has 33 Elephant Reserves, which provide habitats for… pic.twitter.com/0hOaWcoBPQ
— Narendra Modi (@narendramodi) August 12, 2026
क्यों मनाया जाता है विश्व हाथी दिवस?
बताते चलें कि हाथी अपने पैरों और सूंड के जरिए धरती में 20 हर्ट्ज से भी कम फ्रीक्वेंसी वाले इंफ्रासाउंड पैदा करते हैं. इन्हें सेस्मिक वाइब्रेशन कहा जाता है. ये कंपन 32 किलोमीटर दूर तक महसूस किए जा सकते हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, हाथियों के पैरों में पैसिनियन कॉर्पसल्स नाम की विशेष कोशिकाएं होती हैं. ये कोशिकाएं जमीन के कंपनों को पकड़कर हड्डियों के रास्ते सीधे कानों तक पहुंचा देती हैं. सिर्फ यही नहीं, इनकी सूंड में 40,000 से अधिक मांसपेशियां होती हैं, जो एक मानव शरीर की कुल मांसपेशियों से कहीं अधिक हैं, और वे आइने में खुद को पहचानने की दुर्लभ क्षमता भी रखते हैं. पृथ्वी के इन अद्भुत और बेहद बुद्धिमान जीवों के संरक्षण का वैश्विक संदेश देने के लिए हर साल 12 अगस्त को 'विश्व हाथी दिवस' मनाया जाता है.
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