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क्या आपको पता है...ट्रेन जब चलती है तो कहां से आती है 'ठक-ठक' की आवाज? जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Why Train Makes Sound: रात का सफर, खिड़की के बाहर अंधेरा और कानों में गूंजती एक लयबद्ध ठक-ठक...कभी सोचा है ये आवाज आखिर आती कहां से है? जवाब बेहद दिलचस्प है.

क्या आपको पता है...ट्रेन जब चलती है तो कहां से आती है 'ठक-ठक' की आवाज? जानकर हैरान रह जाएंगे आप
सफर में गूंजती 'ठक-ठक'...क्या यह खतरे की निशानी है या इंजीनियरिंग का कमाल

Interesting Facts About Trains: अगर आपने कभी ट्रेन में सफर किया है तो यह आवाज जरूर सुनी होगी. जैसे ही ट्रेन रफ्तार पकड़ती है, कुछ सेकंड बाद एक ठक-ठक की धुन कानों में पड़ती रहती है. कई लोग इसे ट्रेन की पहचान मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे पूरा साइंस छिपा है. 

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Photo Credit: (Stock photo for representational purposes only)

पटरियों का जुड़ाव और गैप (railway science facts)

दरअसल, ट्रेन हजारों किलोमीटर की दूरी तय करती है. इतनी लंबी एक ही पटरी बनाना मुमकिन नहीं होता. भारत में आम तौर पर 13 मीटर या तय लंबाई की रेल पटरियां बनाई जाती हैं, फिर इन्हें जोड़कर पूरा ट्रैक तैयार होता है. जहां दो पटरियां जुड़ती हैं, वहां हल्का सा गैप छोड़ा जाता है. यह गैप तापमान के बदलाव से फैलाव और सिकुड़न के लिए जरूरी होता है. जब ट्रेन के पहिए इस जॉइंट से गुजरते हैं, तो धातु से धातु की टक्कर जैसी आवाज पैदा होती है. यही है वो ठक-ठक की आवाज.

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घर्षण और कंपन का खेल (most amazing facts about trains)

सिर्फ गैप ही नही, बल्कि पहियों और पटरी के बीच घर्षण भी इस आवाज को बढ़ाता है. ट्रेन के भारी पहिए जब तेजी से इन जॉइंट्स पर चढ़ते उतरते हैं, तो हल्का कंपन होता है. यही कंपन लय में बदलकर हमारे कानों तक पहुंचता है. आजकल कई जगह वेल्डेड ट्रैक यानी बिना जॉइंट वाली पटरियां भी बिछाई जा रही हैं. वहां यह आवाज काफी कम सुनाई देती है.

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क्यों जरूरी है यह जानकारी (train travel knowledge)

Indian Railway से रोज करोड़ों लोग सफर करते हैं. ऐसी छोटी-छोटी बातें हमें तकनीक की समझ देती हैं. अगली बार जब सफर में यह आवाज सुनें, तो समझ जाइए कि यह इंजीनियरिंग का कमाल है, कोई खराबी नहीं. अब जब भी ट्रेन में ठक-ठक गूंजे, तो मुस्कुराइए और याद रखिए कि यह पटरियों के जोड़ का साइंस है. सफर का मजा भी और ज्ञान भी.

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Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.

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