Viral Video: बिहार के जहानाबाद जिले की नई डीएम छिरिङ वाई भूटिया (IAS Tshering Y Bhutia) के दो वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रहे हैं. पहले वीडियो में वे स्कूल ड्रेस पहने हुईं छात्राओं संग बास्केटबॉल (Basketball) खेलती नजर आ रही हैं, जबकि दूसरे वीडियो में वे छोटी बच्चियों संग जमीन पर बैठकर मिड-डे मिल का खाना खाती हुई दिख रही हैं. प्रोटोकॉल भूलकर डीएम साहिबा के यूं बच्चों से घुल-मिल जाने के अंदाज को लोग बेहद पसंद कर रहे हैं और जिलाधिकारी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं.
कब और कहां खेली बास्केटबॉल
जब इन वीडियोज की पड़ताल की गई तो पता चला कि ये घटना बीते शुक्रवार की है. 21 अगस्त को जहानाबाद डीएम काजीसराय के उत्क्रमित उच्च विद्यालय (Upgraded High School) का निरीक्षण करने के लिए पहुंची थीं. इसी दौरान उन्होंने छात्राओं के साथ बास्केटबॉल खेलकर उनका हौंसला बढ़ाया था और पासिंग, कोर्ट पोजीशनिंग और खेल से जुड़ी बुनियादी तकनीकों की भी जानकारी दी थी. उन्होंने छात्राओं को समझाया था कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद भी बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए जरूरी है.
यहां देखें बास्केटबॉल खेलने का वीडियो:-
बच्चों संग चखा मिड-मेड मिल का स्वाद
इसके बाद डीएम होरिलगंज में स्थित कन्या मध्य विद्यालय का निरीक्षण करने गई थीं, जहां उन्होंने बच्चों संग जमीन पर बैठकर मिड-डे मिल का खाना खाया और छात्राओं से ढेर सारी बातें भी कीं. बच्चों से संवाद के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि अच्छे भोजन के साथ अच्छी पढ़ाई भी उतनी ही जरूरी है. इस दौरान जिला पदाधिकारी ने यह भी देखा कि किस क्लास में कितने बच्चों के एडमिशन हैं और उस दिन कितने बच्चे स्कूल आए थे. जांच के दौरान पता चला कि कक्षा 1 से 5 तक कुल 122 बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं, जिनमें से सिर्फ 55 ही उपस्थित पाए गए.
यहां देखें मिड-डे मिल चखने का वीडियो:-
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इंटरनेट पर लोगों ने दिए ये रिएक्शन्स
सोशल मीडिया पर इन वीडियोज को देखने के बाद लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि डीएम साहिबा का सरप्राइज इंस्पेक्शन करना चाहिए था. जबकि कुछ उनके इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं.
एक यूजर ने फेसबुक पर लिखा, 'डीएम साहिबा अपने निर्णय को लेकर काफी सख्त हैं. मैं उनके काम की सराहना करता हूं. अगर ऐसे ही नियमित जांच होती रहेगी, तो स्कूलों में बहुत सुधार होने के आसार हैं.'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'इस तरह की जिलाधिकारी पर हमें गर्व है. देश के सभी जिलाधिकारियों को इनसे सीखने की आवश्यकता है.'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'यह बहुत अच्छी पहल है. सीखने और सपने देखने की शुरुआती उम्र में, बच्चे न केवल किसी प्रेरणादायक व्यक्ति को अपना आदर्श मानते हैं, बल्कि उनके तौर-तरीकों को अपनाते भी हैं. हमारी डीएम का व्यवहार, उनकी फुर्ती और आम लोगों से जुड़ने का अंदाज, ऐसी खूबियां हैं जिन्हें अपनाकर युवा भी उनके जैसा बनना चाहते हैं.'
चौथे यूजर ने लिखा, 'डीएम मैडम, एक बार हाई स्कूल लखावर भी विजिट कीजिए. यहां हालत बहुत खराब है. शायद आपके दौरे से कुछ सुधार हो जाए.'
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