Success Story : जहानाबाद के राजा बाजार के मुरलीधर उच्च विद्यालय सह सरस्वती विद्या मंदिर (मॉडल स्कूल) में पढ़ाई चल रही थी. तभी जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया कक्षा में पहुंचीं. उन्होंने आगे बैठने के बजाय बच्चों के बीच सबसे पीछे की बेंच पर बैठी. वहीं बैठकर गणित की पढ़ाई सुनी. शिक्षक को पढ़ाते रहने कहा गया और फिर बाद में छात्रों से विषय से जुड़े सवाल भी किए. इस दौरान कुछ ऐसी चीजें डीएम को मिलीं, जो काफी हैरान कर देने वाली थीं.
निरीक्षण में करीब 1200 नामांकित छात्रों में सिर्फ 300 छात्र उपस्थित मिले. कुछ कक्षाओं में दो से तीन वर्गों के छात्रों को एक साथ पढ़ाया जा रहा था. भौतिकी और जीवविज्ञान के शिक्षकों की शिक्षण क्षमता भी अपेक्षित स्तर की नहीं मिली. डीएम ने प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण की मांग की. सभी वर्गों की कक्षाएं अलग-अलग संचालित करने और विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने का निर्देश दिया. यही वह घटना है, जिसके बाद छिरिङ वाई भूटिया का बच्चों के बीच पिछली बेंच पर बैठने की बात चर्चा में है. .
पहले भी दो स्कूलों में भी पहुंची थीं भूटिया
बिहार के जहानाबाद की जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया का स्कूलों को लेकर उनका यह पहला ऐसा निरीक्षण नहीं था 21 अगस्त 2026 को छिरिङ वाई भूटिया ने काजीसराय के उत्क्रमित उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया था. यहां वह छात्राओं के साथ बास्केटबॉल खेलती नजर आईं. उन्होंने छात्राओं को खेल की कुछ बुनियादी तकनीकों के बारे में जानकारी दी. साथ हीं, पढ़ाई के साथ खेलकूद के महत्व पर भी जोर दिया.
इसके बाद वह होरिलगंज स्थित कन्या मध्य विद्यालय पहुंचीं. यहां उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मिड-डे मील भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता परखी. स्कूल में कक्षा एक से पांच तक कुल 122 बच्चे नामांकित थे, जबकि निरीक्षण के समय 55 बच्चे उपस्थित मिले. उन्होंने बच्चों से बातचीत भी की और विद्यालय की व्यवस्था का जायजा लिया. यही नहीं, रक्षा बंधन के अवसर पर बच्चों से राखी भी बंधवाई.
देखें तो, कुछ ही दिनों के अंतराल में उनके तीन स्कूल निरीक्षण सामने आए—काजीसराय में खेल के मैदान पर छात्राओं के साथ, होरिलगंज में बच्चों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन और अब राजा बाजार के मॉडल स्कूल में पिछली बेंच पर बैठकर कक्षा की पढ़ाई सुनते हुए. उनके इस कदम को शिक्षा में सुधार के रूप में जोड़कर देखा जा रहा है.
कौन हैं छिरिङ वाई भूटिया?
छिरिङ वाई भूटिया 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं. बिहार सरकार की 2026 की सिविल सूची के मुताबिक उनका जन्म 31 दिसंबर 1989 को हुआ और उनका मूल राज्य सिक्किम दर्ज है. उनकी शैक्षणिक योग्यता अर्थशास्त्र में पोस्टग्रेजुएट है. वे 2 सितंबर 2013 से सेवा में आईं. हालांकि उनके शुरुआती प्रशासनिक करियर का बड़ा समय पश्चिम बंगाल में बीता.
पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ प्रशासनिक सफर
पश्चिम बंगाल कैडर में उन्होंने वित्त विभाग और क्षेत्रीय प्रशासन में काम किया. इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली.
जुलाई 2018 में उन्हें अपर जिलाधिकारी, जलपाईगुड़ी बनाया गया. फरवरी 2020 में वह अपर जिलाधिकारी एवं जिला भूमि एवं भूमि सुधार पदाधिकारी, कालिम्पोंग बनीं.
इसके बाद अक्टूबर 2023 में उन्हें सिलीगुड़ी नगर निगम की आयुक्त बनाया गया. इस पद पर उन्होंने शहरी प्रशासन से जुड़े काम देखी. सिलीगुड़ी नगर निगम की 2024 की कार्य-प्रगति रिपोर्ट में उनके कार्यकाल का उल्लेख भी मिलता है. देखें तो, पश्चिम बंगाल में उनका प्रशासनिक अनुभव वित्त और अनुमंडल प्रशासन से होते हुए जिला प्रशासन, भूमि सुधार और शहरी प्रशासन तक पहुंचा.
कैसे आईं बंगाल कैडर से बिहार ?
छिरिङ वाई भूटिया के बिहार आने की वजह उनके कैडर में बदलाव है. उनके पति आनंद शर्मा भी 2013 बैच के आईएएस अधिकारी और बिहार कैडर में हैं. केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के 30 मई 2025 के आदेश के अनुसार छिरिङ वाई भूटिया ने विवाह के आधार पर अपना कैडर पश्चिम बंगाल से बिहार करने का अनुरोध किया था. लिहाजा, केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 6 अगस्त 2025 को उनके पश्चिम बंगाल कैडर से बिहार कैडर में अंतर-कैडर स्थानांतरण को मंजूरी दी.
बिहार सरकार की 2026 की सिविल सूची के अनुसार 11 सितंबर 2025 से वह स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव के रूप में तैनात रहीं. इसके बाद 18 जून 2026 से उन्हें जहानाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया.
अनूठा है जहानाबाद में काम करने का अंदाज
जहानाबाद में उनके अब तक के स्कूल निरीक्षणों को देखें तो उनका जोर तीन चीजों पर अधिक दिखाई देता है—बच्चों से सीधा संवाद, स्कूल की वास्तविक स्थिति को जमीनी स्तर पर समझना और पढ़ाई की गुणवत्ता की जांच.
काजीसराय में वह खेल के मैदान पर पहुंचीं. होरिलगंज में बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और उनकी उपस्थिति देखी. वहीं राजा बाजार के मॉडल स्कूल में वह सीधे कक्षा में बैठ गईं और विद्यार्थियों के साथ पीछे की बेंच से पढ़ाई परखी.
मॉडल स्कूल के निरीक्षण में सिर्फ उनका अंदाज ही सामने नहीं आया, बल्कि स्कूल की व्यवस्था से जुड़े कई सवाल भी सामने आए. करीब 1200 विद्यार्थियों में 300 की उपस्थिति, कुछ कक्षाओं में कई वर्गों को एक साथ पढ़ाना और विषय शिक्षकों की शिक्षण क्षमता पर सवाल के बाद प्रधानाध्यापक और शिक्षकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया.
गौर करें तो, पिछली बेंच पर बैठने वाली तस्वीर एक पहलू है. दूसरा पहलू उसके पीछे एक अधिकारी का वह प्रशासनिक अनुभव भी दिखता है, जो पश्चिम बंगाल के वित्त और क्षेत्रीय प्रशासन से शुरू होकर भूमि-राजस्व, नगर प्रशासन, बिहार के स्वास्थ्य विभाग और अब जहानाबाद के जिला प्रशासन तक पहुंचा है.
छिरिङ वाई भूटिया : संक्षिप्त परिचय
नाम: छिरिङ वाई भूटिया
सेवा: भारतीय प्रशासनिक सेवा
बैच: 2013
जन्म: 31 दिसंबर 1989
मूल राज्य: सिक्किम
शैक्षणिक योग्यता: अर्थशास्त्र में पोस्टग्रेजुएट
पुराना कैडर: पश्चिम बंगाल
बिहार कैडर में स्थानांतरण: 6 अगस्त 2025
बिहार में प्रमुख पद: स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव
जहानाबाद डीएम: 18 जून 2026 से
पति: आनंद शर्मा, 2013 बैच के आईएएस अधिकारी, बिहार कैडर
वर्तमान पद: जिला पदाधिकारी, जहानाबाद
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