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प्यार से कोसो दूर है Valentine's Day की कहानी, जानें कैसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत

Valentine's Day History: वैलेंटाइन डे की कहानी जितनी रोमांटिक मानी जाती है, असल में उतनी ही डार्क और कन्फ्यूजिंग है. आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, साथ ही जानेंगे इस दिन को मनाने की शुरुआत कैसे हुई-

प्यार से कोसो दूर है Valentine's Day की कहानी, जानें कैसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत
क्या है वैलेंटाइन डे की कहानी?

Valentine's Day History: वैलेंटाइन डे का नाम आते ही दिल, गुलाब, चॉकलेट और प्यार भरे मैसेज याद आने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन की शुरुआत प्यार से नहीं, बल्कि अंधविश्वास और रोमन रस्मों से जुड़ी है? Valentine's Day की कहानी जितनी रोमांटिक मानी जाती है, असल में उतनी ही डार्क और कन्फ्यूजिंग है. आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, साथ ही जानेंगे इस दिन को मनाने की शुरुआत कैसे हुई-

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क्या है वैलेंटाइन डे की कहानी?

दरअसल, इसे लेकर कई अलग-अलग कहानियां प्रचलित हैं. इतिहासकारों के मुताबिक Valentine's Day की जड़ें प्राचीन रोम के एक त्योहार Lupercalia से जुड़ी हैं, जो फरवरी के बीच में मनाया जाता था. यह त्योहार प्यार से अलग कुछ अजीब रस्मों के लिए जाना जाता था. कहा जाता है कि इस त्योहार को पुरुषों को ताकतवर दिखाने के लिए सेलिब्रेट किया जाता था और इसके लिए पुरुष महिलाओं के साथ बदसलूकी किया करता थे. 

हालांकि, 5वीं सदी में पोप गेलैसियस ने इस त्योहार को बंद करने के लिए 14 फरवरी को Saint Valentine के नाम पर एक धार्मिक दिन घोषित कर दिया. लेकिन इतिहासकारों का कहना है कि इसका कोई ठोस सबूत नहीं मिलता. यानी Lupercalia और Saint Valentine को जोड़ने की कहानी बाद में बनाई गई हो सकती है.

अब सवाल उठता है- क्या Saint Valentine सच में थे? 

इसका जवाब भी साफ नहीं है. कुछ कहानियों के अनुसार, तीसरी सदी में रोम पर सम्राट क्लॉडियस द्वितीय का शासन था. सम्राट का मानना था कि शादी करने के बाद पुरुषों की ताकत कम हो जाती है. अविवाहित पुरुष बेहतर सैनिक बनते हैं, क्योंकि उन्हें परिवार और प्रेम संबंधों की चिंता नहीं होती. इसी सोच के चलते उन्होंने पूरे रोम में विवाह पर प्रतिबंध लगा दिया था. 

वहीं, दूसरी ओर पादरी Valentine सम्राट के आदेश के खिलाफ जाकर प्रेमियों की शादी करवाते थे. उनका मानना था कि 'प्रेम कोई अपराध नहीं, बल्कि ईश्वर का वरदान है.' 

अब, जब सम्राट को संत वेलेंटाइन के इस कार्य की जानकारी मिली, तो वे गुस्से से आग बबूला हो उठे. संत को आदेश की अवहेलना और विद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और बाद में उन्हें मृत्युदंड की सजा सुना दी गई. 

कहानी के अनुसार, 14 फरवरी 270 ईस्वी को संत वेलेंटाइन को फांसी दे गई थी. उनके बलिदान की याद में पोप गेलैसियस ने 14 फरवरी को आधिकारिक रूप से वैलेंटाइन डे घोषित किया था. लेकिन जैसा कि ऊपर जिक्र किया गया है, इस कहानी का कोई ठोस सबूत नहीं है.

तो फिर वैलेंटाइन डे को प्यार से कब और क्यों जोड़ा गया?

इसका क्रेडिट जाता है मशहूर अंग्रेज कवि Geoffrey Chaucer को. 14वीं सदी में उन्होंने पहली बार Saint Valentine को प्यार से जोड़ा था. जिसके बाद धीरे-धीरे कविताओं, कहानियों और नाटकों के जरिए यह दिन प्रेम का प्रतीक बन गया.

18वीं सदी तक Valentine's Day कार्ड, कविताएं और गिफ्ट्स का दिन बन चुका था. बाद में चॉकलेट, फूल और ग्रीटिंग कार्ड जुड़ गए और अब केवल वैलेंटाइन डे नहीं बल्कि एक पूरे हफ्ते इसे सेलिब्रेट किया जाता है. 
 

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