
प्रतीकात्मक तस्वीर
लंदन:
ब्रिटेन के एक स्कूल में कुछ लड़कों ने एक दिलचस्प तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। मसला यह है कि ब्राइटन इलाके के चार छात्रों को जब स्कूल में निकर पहनकर आने के लिए सज़ा दी गई तो इसके विरोध में इन लड़कों ने स्कर्ट पहनकर स्कूल आने का फैसला किया। ब्रिटेन में गर्मी पड़ रही है और इसलिए 14 साल के करीब 20 छात्र मंगलवार (यानि साल के सबसे गरम दिन) को पैंट की जगह शॉर्ट्स पहनकर स्कूल आ गए। हालांकि इन लड़कों ने स्कूल द्वारा जारी किए गए शॉर्ट्स ही पहने थे लेकिन इसके बावजूद भी इनमें से कुछ को सज़ा के तौर पर घर भेज दिया गया, वहीं कुछ को अकेले खड़ा कर दिया गया।
'यह कहां का न्याय'
इसके बाद इनमें से चार लड़कों ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया और लड़कियों की यूनिफॉर्म उधार पर ली गई। माइकल पार्कर, कोडी एलिंग, जॉर्ज बॉयलैंड और जेज़े सट्रिंगर - यह चारों छात्र इस सज़ा के विरोध में स्कर्ट पहनकर आए और दिलचस्प बात यह है कि उन्हें इस बार आने भी दिया गया क्योंकि स्कूल प्रशासन के मुताबिक स्कर्ट पहनना नियमों के तहत आता है। इस बारे में पार्कर ने कहा 'साल के सबसे गरम दिन जब लड़कियां स्कर्ट पहन रही हैं, तब लड़कों को काली पैंट में बुलाना कहां का न्याय है।'
उनकी मां कहती हैं 'हम लड़कों का पूरी तरह समर्थन करते हैं। मेरे ख्याल से प्रिंसिपल जो कर रही हैं उसे भेदभाव कहते हैं और मुझे माइकल और उसके साथियों पर गर्व है।' वहीं कोडी से पिता कहते हैं कि 'स्कूल का यह 'पागलपन' भरा फैसला है। लड़कों ने जो शॉर्ट्स पहने थे उन पर स्कूल का लोगो था और मुझे लगता है कि गर्मी के दिनों में इन्हें पहनने की इजाज़त दी जानी चाहिए।' वह आगे कहते हैं 'लड़कों ने अपनी बात रखने के लिए यह काम किया और मुझे तो यह बढ़िया लगा। मुझे नहीं लगता कि कोडी पूरी गर्मियां स्कर्ट पहनेगा लेकिन हां उसे अच्छा लग रहा है कि उसे अटेंशन मिल रही है।'
'यह कहां का न्याय'
इसके बाद इनमें से चार लड़कों ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया और लड़कियों की यूनिफॉर्म उधार पर ली गई। माइकल पार्कर, कोडी एलिंग, जॉर्ज बॉयलैंड और जेज़े सट्रिंगर - यह चारों छात्र इस सज़ा के विरोध में स्कर्ट पहनकर आए और दिलचस्प बात यह है कि उन्हें इस बार आने भी दिया गया क्योंकि स्कूल प्रशासन के मुताबिक स्कर्ट पहनना नियमों के तहत आता है। इस बारे में पार्कर ने कहा 'साल के सबसे गरम दिन जब लड़कियां स्कर्ट पहन रही हैं, तब लड़कों को काली पैंट में बुलाना कहां का न्याय है।'
उनकी मां कहती हैं 'हम लड़कों का पूरी तरह समर्थन करते हैं। मेरे ख्याल से प्रिंसिपल जो कर रही हैं उसे भेदभाव कहते हैं और मुझे माइकल और उसके साथियों पर गर्व है।' वहीं कोडी से पिता कहते हैं कि 'स्कूल का यह 'पागलपन' भरा फैसला है। लड़कों ने जो शॉर्ट्स पहने थे उन पर स्कूल का लोगो था और मुझे लगता है कि गर्मी के दिनों में इन्हें पहनने की इजाज़त दी जानी चाहिए।' वह आगे कहते हैं 'लड़कों ने अपनी बात रखने के लिए यह काम किया और मुझे तो यह बढ़िया लगा। मुझे नहीं लगता कि कोडी पूरी गर्मियां स्कर्ट पहनेगा लेकिन हां उसे अच्छा लग रहा है कि उसे अटेंशन मिल रही है।'
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