Reddit Trending: भारत में स्टार्टअप कल्चर (Startup Culture) के नाम पर युवाओं का कैसे शोषण हो रहा है, इसकी एक बानगी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर देखने को मिली. यहां 25 साल के एक युवक ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वो पिछले 10 महीने से एक फिनटेक कंपनी में सिर्फ इंटर्न (Intern) के तौर पर काम कर रहा है. उससे रोज़ाना 12 से 16 घंटे और वीकेंड्स पर भी काम लिया जा रहा है, लेकिन बार-बार वादे करने के बाद भी उसे फुल-टाइम नौकरी नहीं दी गई.
इंटर्नशिप का टाइम बढ़ाया
रेडिट पर PyaazKaParatha नाम के यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'साल 2024 में ग्रेजुएशन के बाद एक फिनटेक स्टार्टअप की प्रोडक्ट टीम में 6 महीने की इंटर्नशिप जॉइन की थी. जब इंटर्नशिप खत्म होने का वक्त आया, तो कंपनी में छंटनी (Layoffs) शुरू हो गई. इसके बाद मैनेजमेंट ने पक्की नौकरी का लालच दिया और इंटर्नशिप 3 महीने के लिए बढ़ा दी. जब वो 3 महीने भी बीत गए, तो परमानेंट करने के बजाय इंटर्नशिप को फिर से एक महीने के लिए एक्सटेंड कर दिया गया.'
'और कितनी मेहनत करूं?'
इस युवक का कहना है कि जब भी वो फुल-टाइम रोल के लिए पूछता है, तो रटा-रटाया जवाब मिलता है- 'और कड़ी मेहनत करो, ज्यादा ओनरशिप लो.' इंटर्न का कहना है कि ऑफिस के दिन 10-11 बजे शुरू होकर रात 9 बजे तक खत्म होते हैं, लेकिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) में काम का कोई अंत नहीं है. कई बार उसे सुबह 6 बजे तक काम करना पड़ा है. रात के खाने के बाद भी काम करना पड़ता है. हद तो तब हो जाती है जब कंपनी का को-फाउंडर शनिवार-रविवार को भी मैसेज करके लैपटॉप खुलवा लेता है. इस रूटीन से उसकी नींद और सेहत पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है.
25, still an intern after 10 months, working 12-16 hour days. Should I just quit?
by u/PyaazKaParatha in IndianWorkplace
करियर बर्बाद होने का डर
इस इंटर्न को डर है कि अगर वो बिना पक्की नौकरी लिए कंपनी छोड़ता है, तो रेज्यूमे (Resume) में उसके ये 10 महीने बर्बाद माने जाएंगे. वो 25 साल का है और इस उम्र में सिर्फ इंटर्न बने रहने से उसे घबराहट और डिप्रेशन होने लगा है. उसने सोशल मीडिया पर लोगों से सलाह मांगी कि क्या उसे ये नौकरी छोड़ देनी चाहिए या और ज्यादा खून-पसीना बहाना चाहिए? उसने साफ कहा कि मुझे 'और मेहनत करो' वाला ज्ञान नहीं चाहिए, मैं पहले ही बहुत कर चुका हूं.
'तुम्हें सिर्फ सस्ता मजदूर समझा जा रहा है'
इस पोस्ट पर लोगों ने कंपनी को जमकर फटकार लगाई. एक यूजर ने लिखा, 'भाई, दूसरी जगह अप्लाई करना शुरू कर दो. सच कहूं तो वे लोग इंटर्न का इस्तेमाल सस्ते मजदूर (Cheap Labour) की तरह कर रहे हैं. तुम्हारे 16 घंटे के काम ने तुम्हारी स्किल्स तो बढ़ा ही दी होंगी, जॉब मार्केट में ट्राई करो.'
वहीं एक अन्य यूजर ने समझदारी वाली सलाह देते हुए कहा, 'बिना किसी ऑफर के नौकरी छोड़ना रिस्की है. पहले दूसरी जगह जॉब पक्की करो, और उस ऑफर का इस्तेमाल अपनी मौजूदा कंपनी में फुल-टाइम रोल का दबाव बनाने के लिए करो.'
एक फाउंडर ने भी कमेंट करते हुए लिखा, 'वहां का वर्क कल्चर बहुत खराब है. खुद से पूछो, क्या तुम सच में ऐसी टॉक्सिक कंपनी में पक्के होना चाहते हो?'
(Disclaimer: यह कहानी रेडिट पर वायरल हुई एक पोस्ट और उसके बाद मिली सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित है. एनडीटीवी ने पोस्ट में उल्लिखित व्यक्तियों द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.)
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