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This Article is From Jun 20, 2017

राष्ट्रपति के काफिले से पहले मरीज़ को ले जा रही एम्बुलेंस को गुज़ारा इस पुलिस वाले ने...

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में ट्रैफिक पुलिस सब-इंस्पेक्टर निजलिंगप्पा ने शहर के ट्रिनिटी जंक्शन पर राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी के कॉनवॉय के गुज़रने से पहले मरीज़ को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस को जाने दिया.

राष्ट्रपति के काफिले से पहले मरीज़ को ले जा रही एम्बुलेंस को गुज़ारा इस पुलिस वाले ने...
नई दिल्ली: आएदिन किसी न किसी राजनेता या वीवीआईपी शख्स के काफिले की वजह से ट्रैफिक जाम लग जाने या आम लोगों को परेशानी होने की ख़बरें ज़्यादा पुरानी नहीं हुई हैं, और वीआईपी मूवमेंट के वक्त सड़कों पर तैनात पुलिस वालों का आम आदमियों से बदतमीज़ी करने की बातें भी सुनने-देखने-पढ़ने को मिलती रही हैं...

ऐसे में अगर आपको मिलवाया जाए ऐसे पुलिस वाले से, जिसने किसी छोटे-मोटे राजनेता की नहीं, देश के प्रथम नागरिक, यानी राष्ट्रपति की गाड़ी से भी पहले एक मरीज़ को ले जा रही एम्बुलेंस को रास्ता दिलवाया, तो आप क्या कहेंगे... शाबास...

जी हां, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में ट्रैफिक पुलिस सब-इंस्पेक्टर निजलिंगप्पा ने शहर के ट्रिनिटी जंक्शन पर बिल्कुल यही किया था... निजलिंगप्पा ने राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी के कॉनवॉय के गुज़रने से पहले मरीज़ को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस को जाने दिया. इस काम के लिए उन्हें हर तरफ से ढेरों शाबासियां मिलीं, और पुलिस विभाग के आला अफसरों ने उन्हें पुरस्कृत भी किया है.
 
सोशल मीडिया पर निजलिंगप्पा की तारीफों के बीच एक साहब ने लिखा कि एम्बुलेंस को रास्ता दिया ही जाना चाहिए, इसलिए इसे उपलब्धि नहीं माना जाना चाहिए, तो एक शख्स ने भारतीय जनमानस का हवाला देते हुए कहा कि एक भारतीय पुलिसवाले का यह फैसला करना बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
 
आईपीएस एसोसिएशन ने भी निजलिंगप्पा की इस उपलब्धि की खुलकर तारीफ की, और इसे अन्य पुलिस वालों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बताया... वैसे, पुलिस वालों के अलावा जनसाधारण में भी माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर निजलिंगप्पा की तारीफ करने की होड़ मची हुई है...

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