अंतरिक्ष में जीवन कैसा होता है, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है. खासकर यह कि अंतरिक्ष यात्री वहां रोजमर्रा के काम जैसे नहाना या साफ-सफाई कैसे करते हैं. हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने इसका जवाब देते हुए एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में शॉवर नहीं होते और वहां अलग तरीके से साफ-सफाई करनी पड़ती है. शुक्ला इस समय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद हैं. वह ISS जाने वाले पहले भारतीय और अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं. उनसे पहले यह उपलब्धि राकेश शर्मा ने हासिल की थी.
अंतरिक्ष में क्यों नहीं होते शॉवर ?
शुभांशु शुक्ला ने बताया, कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण लगभग नहीं होता, इसलिए पानी जमीन पर गिरने के बजाय हवा में तैरने लगता है. इसी वजह से वहां सामान्य शॉवर का इस्तेमाल संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में व्यक्तिगत साफ-सफाई एक तरह से विज्ञान का छोटा प्रयोग जैसा है. इसलिए अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक खास हाइजीन किट बनाई जाती है.
देखें Video:
Ever wondered how astronauts stay fresh in space? Of course you have — it's one of the questions I get asked most. So let's settle it once and for all.
— Shubhanshu Shukla (@gagan_shux) March 5, 2026
The short answer: there are no showers up here. The long answer: personal hygiene in microgravity is a surprisingly elegant… pic.twitter.com/E7k56ISpHO
ऐसे करते हैं अंतरिक्ष यात्री साफ-सफाई
शुक्ला के मुताबिक, इस किट में एक छोटा बैग होता है, जिसमें पहले से ही कीटाणुनाशक शैम्पू लगा हुआ वॉशक्लॉथ रखा होता है. प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है, सबसे पहले बैग में थोड़ा पानी डाला जाता है. पानी डालते ही कपड़ा पूरी तरह गीला हो जाता है. इसके बाद उस कपड़े से शरीर को साफ किया जाता है. शुक्ला ने मजाकिया अंदाज में कहा, कि यह शायद दुनिया का सबसे महंगा स्पंज बाथ होता है.
अंतरिक्ष में पानी की हर बूंद कीमती
उन्होंने यह भी बताया कि अंतरिक्ष में पानी की एक-एक बूंद बहुत कीमती होती है. इसलिए इस्तेमाल के बाद तौलिया को एक खास जगह पर रखा जाता है, जहां उसकी नमी को स्टेशन के वॉटर रिक्लेमेशन सिस्टम में भेज दिया जाता है. इस तरह पानी को दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाता है.
वीडियो में हवा में तैरता दिखा मोबाइल
वीडियो में एक दिलचस्प पल भी देखने को मिला, जब शुक्ला का मोबाइल फोन हवा में तैरता नजर आया. उन्होंने बताया, कि अंतरिक्ष में चीजें हवा में तैरती रहती हैं, इसलिए वहां मोबाइल रखने के लिए स्टैंड की जरूरत नहीं पड़ती.
लोगों की दिलचस्प प्रतिक्रियाएं
शुभांशु शुक्ला की इस पोस्ट को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने भी खूब प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने कहा, कि अंतरिक्ष में जीवन वाकई बहुत अलग और रोमांचक होता है. एक यूजर ने लिखा, कि यह बहुत अद्भुत है, लेकिन अगर कभी अंतरिक्ष जाने का मौका मिले तो वहां की जिंदगी में ढलना मुश्किल होगा. वहीं, एक यूजर ने कहा कि रोजमर्रा की चीजें भी अंतरिक्ष में एक नई सीख बन जाती हैं.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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