Antarctica Blood Falls Mystery: अंटार्कटिका की जमा देने वाली वादियों में मैकमुर्डो ड्राई वैली (McMurdo Dry Valleys) नाम की एक जगह है, जहां एक विशाल सफेद ग्लेशियर से लाल रंग का पानी बहता है. पहली नजर में देखने पर ऐसा लगता है, मानो जैसे बर्फ की चादर के बीच में से खून का झरना बह रहा हो. सालों से लोग और वैज्ञानिक इसे देखकर हैरान होते रहे हैं कि, आखिर इस लाल रंग के पीछे की असली वजह क्या है. नेचर जियोसाइंस जर्नल (Nature Geoscience) में छपी एक रिसर्च ने इस राज पर से पर्दा उठा दिया है. वैज्ञानिकों ने जब इस लाल पानी और मिट्टी के सैंपल की जांच की, तो उन्हें इसमें बहुत छोटे-छोटे समुद्री जीव तैरते हुए मिले.
अंधेरे और जमा देने वाली ठंड में कैसे बची जिंदगी (Taylor Glacier secret)
ये मामला लाखों साल पुराना है, जब समुद्र का जलस्तर बदलने और ग्लेशियर के आगे बढ़ने से समुद्र का पानी टेलर ग्लेशियर के नीचे हमेशा के लिए कैद हो गया. सूरज की रोशनी, हवा और ताजे पानी से पूरी तरह कट जाने के बाद ये पानी बहुत ज्यादा खारा और लोहे यानी आयरन से भर गया. यही वजह है कि, जब ये पानी बाहर हवा के संपर्क में आता है, तो जंग लगने जैसा लाल रंग पकड़ लेता है. हैरानी की बात तो ये है कि बिना रोशनी और माइनस तापमान के भी इन सूक्ष्म जीवों ने खुद को बचाए रखा. स्क्रिप्स इंस्टीट्यूशन ऑफ ओशनोग्राफी के समुद्री वैज्ञानिक एंड्रयू एलन बताते हैं कि, 'ये कोई हवा से उड़ने वाले जीव नहीं हैं, बल्कि ये प्राचीन काल की समुद्री बाढ़ का हिस्सा हैं जो आज भी जिंदा हैं.'
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रिसर्चर्स ने अपनी पब्लिश हुई स्टडी में लिखा कि, 'मैकमर्डो ड्राई वैलीज और समुद्री रेफरेंस साइट्स से लिए गए पानी, तलछट (sediment) और हवा से जमा होने वाले मटीरियल के 167 सैंपल्स में, हमनें टेलर ग्लेशियर के सिरे पर लाल रंग की बर्फ, कीचड़ और तलछट तक सीमित एक खास समुद्री माइक्रो-यूकेरियोटिक समूह की पहचान की. डायटम, हैप्टोफाइट्स, डाइनोफ्लैगेलेट्स और सिलिएट्स जैसे कई फाइलोजेनेटिक समूहों में समुद्री इंडिकेटर टाइप की पहचान की गई.'
स्पेस में लाइफ की नई उम्मीद (New Hope for Life in Space)
वैज्ञानिकों का मानना है कि ये खोज सिर्फ हमारी धरती तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्पेस के कई बड़े सवालों के जवाब मिल सकते हैं. एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट इस सिस्टम को सौर मंडल के अन्य ग्रहों पर लाइफ की होप से जोड़कर देख रहे हैं. जुपिटर के चंद्रमा 'यूरोपा' और सैटर्न के चंद्रमा 'एनकेलाडस' की बर्फानी सतह के नीचे भी ऐसे ही महासागर छिपे हैं. माना जा रहा है कि, अगर अंटार्कटिका के इस अंधेरे और खारे पानी में जीवन फल-फूल सकता है, तो ब्रह्मांड के दूसरे बर्फीले कोनों में भी एलियन लाइफ होने की उम्मीदें अब और पक्की हो गई हैं.
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