Venom Like Robot Hong Kong University: अगर आप मार्वल फिल्मों के फैन हैं, तो आपने वेनम (Venom) को किसी भी छोटे से सुराख से निकलते और रूप बदलते देखा होगा. कुछ वैसा ही नजारा अब लैब की पेट्री डिश में देखने को मिला है. चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हॉन्ग कॉन्ग (Chinese University of Hong Kong) के प्रोफेसर ली झांग और उनकी रिसर्च टीम ने एक ऐसा स्लाइम रोबोट बनाया है, जो देखने में बिल्कुल वेनम की तरह लचीला और काला है. ये कोई इमेजरी किरदार नहीं, बल्कि मेडिकल साइंस की नई रिवैल्यूएशन (Revaluation) है. ये स्लाइम पेट में फंसी खतरनाक चीजों को बिना सर्जरी बाहर निकालने में मदद करेगा.
बिना मोटर और बैटरी के दौड़ता है ये अनोखा रोबोट (How Magnetic Slime Robot Works)
कमाल की बात तो ये है कि इस रोबोट के अंदर कोई मोटर, तार या बैटरी नहीं लगी है. इसे पॉलीविनाइल अल्कोहल (Polyvinyl alcohol), बोरेक्स (borax) और नियोडिमियम मैग्नेट (neodymium particles) के पार्टिकल से मिलाकर तैयार किया गया है. जब शरीर के बाहर से एक मैग्नेट को घुमाया जाता है, तो ये स्लाइम (slime) उसी दिशा में रेंगने लगता है. ये मात्र 1.5 मिलीमीटर जितनी पतली जगह से भी आसानी से सिकुड़कर निकल सकता है. अगर इसे बीच से दो टुकड़ों में काट भी दिया जाए, तो ये खुद को दोबारा जोड़ लेता है. इतना ही नहीं, ये खुद को अपनी लंबाई से 8.6 गुना तक खींच सकता है. यही नहीं ये टूटे हुए इलेक्ट्रिक सर्किट को जोड़ने का काम भी कर सकता है.
The Chinese University of Hong Kong built a robot that is essentially Venom in a petri dish.
— Vaibhav Sisinty (@VaibhavSisinty) August 2, 2026
It's a magnetic slime. Polyvinyl alcohol, borax, and neodymium particles. No motors, no battery. You rotate a magnet outside it and the blob follows.
What it can do:
→ Squeeze through… pic.twitter.com/1DnZF05UEf
बच्चों की जान बचाने में मददगार साबित होगा (Future Surgery Uses Of Slime Robot)
देखा जाता है कि अक्सर छोटे बच्चे खेलते खेलते बटन बैटरी, सिक्के या छोटे खिलौने निगल लेते हैं, जिससे कई बार उनकी जान पर बन आती है. ऐसे मामलों में डॉक्टर को तुरंत सर्जरी करनी पड़ती है, लेकिन अब ये स्लाइम रोबोट शरीर के अंदर जाकर उस वस्तु को अपने चारों तरफ लपेट लेगा और बिना किसी चीरे (कट) के उसे बाहर खींच लाएगा. प्रोफेसर ली झांग (Prof. Li Zhang's) की टीम अब इस रोबोट की मदद से गॉलब्लेडर (gallstone surgery) यानी पित्त की थैली से पत्थरी निकालने की टेक्निक पर काम कर रही है. फिलहाल अभी ये एक प्रोटोटाइप है, क्योंकि इसमें यूज नियोडिमियम (Neodymium) इंसानों के लिए जहरीला हो सकता है, इसलिए वैज्ञानिक इस पर सुरक्षित कोटिंग कर रहे हैं, ताकि इंसानों के शरीर को कोई नुकसान न पहुंचे, कोई दिक्कत न हो.
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