Viral Video: जिंदगी में कामयाबी पाने के लिए अपना घर, शहर, गांव छोड़ना क्यों जरूरी है? भारत छोड़कर अमेरिका में बसे डॉ. ललित शोकीन (Dr. Lalit Shokeen) ने 3 मिनट के वीडियो में इसे बहुत अच्छे से समझाया है. इंस्टाग्राम (lalitshokeen1515) पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में वे बताते हैं, 'मैं नजफगढ़ में पैदा हुआ. मेरे पापा दिल्ली पुलिस में थे. मेरे ताऊ, मामा, चाचा सभी सरकारी नौकरी में थे. हमारी पूरी फैमिली में सरकारी नौकरी का क्रेज था. सभी को लगता था कि अगर सरकारी नौकरी मिल गई तो लाइफ सेट हो जाएगी. मुझे भी कामयाबी की यही परिभाषा सिखाई गई, इसीलिए मैं पढ़ाई पर ध्यान देने लगा और 10वीं में बढ़िया नंबरों से पास हो गया. इसके बाद मुझे हॉस्टल में भेज दिया गया, जहां से मेरी लाइफ बदलना शुरू हो गई.'
'संगत के साथ बदलते रहे सपने'
ललित आगे बताते हैं, 'हॉस्टल में जाकर मेरा सर्किल और बढ़ा हो गया. वहां मुझे नए लोग मिले, जिनमें से कोई डॉक्टर बनना चाहता था तो कोई इंजीनियर. उनके सपने सुनकर मैंने भी उन जैसा बनने की सोच ली. इसके बाद मैं और ज्यादा मेहनत करने लगा. 12वीं अच्छे नंबरों से पास की, जिससे मेरा एडमिशन हिंदू कॉलेज में हो गया. वहां मुझे अलग-अलग राज्यों से आए स्टूडेंट्स मिले, जिनके सपने और ज्यादा बड़े थे. बिहार से पढ़ने आए स्टूडेंट्स को IAS-IPS बनना था. साउथ दिल्ली वालों को जर्नलिस्ट/पायलट बनना था. वहां मेरी गर्लफ्रेंड भी बनी, जिसे यूएस जाकर फिजिक्स में पीएचडी करनी थी, ताकि वो नासा में साइंटिस्ट बन सके. मुझे उसका सपना इतना पसंद आया कि मैंने भी वही करने की सोच ली.'
'GRE एग्जाम में किया था टॉप'
ललित कहते हैं, 'इसके बाद मैं यूएस जाने की तैयारी में लग गया और कामयाब भी हो गया. GRE Exam में मैंने टॉप किया, जिससे मुझे फुल स्कॉलरशिप मिल गई. मेरी जेब से एक भी रुपया नहीं लगा, बल्कि उलटा वहां पहुंचने पर 1 से 1.5 लाख रुपये का स्टाइपेंड अलग से मिलने लगा. ऐसा कभी होगा ये मैंने सोचा नहीं था. लेकिन सब कुछ सर्किल बदलने की वजह से हुआ.'
'लोगों की सलाह को करियर बनाते गए'
ललित आगे बताते हैं, 'जब में PhD करने यूएस आया तो यहां आकर मेरा सर्किल और बड़ा हो गया. यहां मुझे अलग-अलग देशों के नए लोग मिले, जिनका सोचना था कि जिसमें तुम अच्छे हो, जो करने में तुम्हारा मन लगे, वो काम करो. ऐसे मैंने पहले कभी नहीं सोचा था. मेरा तो यही था, जो बताता गया, वो करते गए. उसी को करियर बना लिया. पहले सरकारी नौकरी, फिर डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस. जिसमें अच्छा है, वो करने का क्या मतलब है? इस सर्किल की सोच से मेरा दिमाग खुला. मैंने सोचा कि मैं Story Telling अच्छी कर सकता हूं. Comedy अच्छी कर सकता हूं. मेरा Sense Of Humor बढ़िया है. इसीलिए मैंने यूट्यूब पर कॉमेडी वीडियो डालना शुरू कर दिया. अब वहां से देखो, मेरे मिलियन्स में फॉलोअर्स हो गए. पैसा आने लगा. सरकारें मुझे अवॉर्ड दे रही हैं. मतलब, लाइफ सेट हो गई.'
'जब भी मौका मिले अपना सर्किल बदलो'
वीडियो के आखिर में ललित कहते हैं, 'अगर मैं उस छोटे सर्किल में ही लिमिटेड रहता, तो शायद आज यहां नहीं पहुंच पाता. लाइफ के बड़े-बड़े एक्सपीरियंस नहीं कर पाता. इसीलिए मैं कहता है, जब भी मौके मिले, घर से निकलो. लाइफ में ग्रोथ चाहिए तो घर को छोड़ो, अपना सर्किल बदलो, फिर देखो लाइफ आपको कहां से कहां ले जाती है.
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