New Delhi:
भारत के स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न मिलने के बीच अब फासला कम हो गया है, क्योंकि इस पुरस्कार और सचिन के बीच मुश्किल बन रहे नियम को भारत सरकार ने हटा दिया है और नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। पहले देश का यह सर्वोच्च पुरस्कार कला, साहित्य, विज्ञान और जनसेवा के क्षेत्रों में दिया जाता था और इसीलिए किसी भी खिलाड़ी को यह पुरस्कार आज तक नहीं मिला। अब इस नियम में बदलाव करते हुए भारत सरकार ने इसे किसी भी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को देने का फैसला किया है। साफ है कि अब सचिन तेंदुलकर और ध्यानचंद को बहुत जल्द भारत रत्न से नवाजा जा सकता है।वैसे काफी लंबे समय से सचिन तेंदुलकर को यह सम्मान दिए जाने की बात कही जा रही है और पिछले 22 सालों से सचिन ने क्रिकेट के मैदान पर वह सब कुछ हासिल किया है, जो उन्हें इस सम्मान के लायक बनाता है। हालांकि उनके फैन्स तो यहां तक कहते हैं कि भारत रत्न मिले न मिले, सचिन फैन्स के दिलों में रत्न ही हैं। उधर, खेल के जानकार और हॉकी के कद्रदानों का मानना है कि एक खिलाड़ी ऐसा है, जिसे भारत रत्न सचिन से भी पहले मिल जाना चाहिए और वह हैं हॉकी के जादूगर ध्यानचंद। उन्हें हॉकी का ब्रैडमैन कहा जाता है और उन्हीं के जन्मदिन पर 29 अगस्त को खेल दिवस मनाया जाता है।
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भारत रत्न, सचिन तेंदुलकर, मेजर ध्यानचंद