Trending: चांद पर एलन मस्क के लाखों लोगों का शहर बसाने का सपना पानी की कमी के कारण संकट में पड़ गया है. सोमवार को फ्रंटियर्स इन स्पेस टेक्नोलॉजीज जर्नल में पब्लिश एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि चांद पर जितना पानी मौजूद है, उससे नासा का छोटा सा मून बेस स्टेशन तो सालों तक चल जाएगा, लेकिन मस्क का 'खुद बढ़ने वाला' बड़ा महानगर प्यासा रह जाएगा.
कितने साल चलेगा पानी?
स्टडी के मुताबिक, अगर 10 लाख से ज्यादा आबादी वाला शहर अपनी रोजमर्रा की जरूरतों, खेती, इंडस्ट्रीज और डेटा सेंटरों के लिए चांद पर मौजूदा पानी का इस्तेमाल करेगा, तो वो सिर्फ 2.4 साल में ही खत्म हो जाएगा. इसलिए, चांद पर किसी भी तरह की बस्ती को पानी के रीसाइक्लिंग के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर इस्तेमाल होने वाले कड़े मानकों पर निर्भर रहना होगा. अगर ऐसा होता है तो पानी खत्म होने के समय को 100 सालों तक खींचा जा सकता है.
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चांद पर कितना पानी है?
फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चांद पर 3 करोड़ 40 लाख टन पानी है. लेकिन वैज्ञानिकों ने अपनी भविष्यवाणी 100 करोड़ टन पानी मानकर की है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर चांद पर बड़े महानगर की बजाय 1 हजार लोगों का छोटा गांव बसाया जाए तो वहां हजारों सालों तक पानी की कमी नहीं होगी. वहीं अगर ये संख्या 1 लाख की आबादी वाली होती है तो पानी को 1 हजार सालों तक चलाया जा सकेगा.
बिजली का कैसे होगा?
हालांकि अच्छी बात यह है कि चांद पर बिजली पैदा करने का सिस्टम बनाने में कोई समस्या नहीं होगी. रिसर्चर्स के मुताबिक, सोलर पैनल क्रेटर की चोटियों पर लगाए जा सकते हैं, जहां हमेशा सूरज की रोशनी पड़ती है. ये पैनल शायद चांद पर ही बनाए जा सकते हैं, क्योंकि वहां बहुत सारा सिलिकॉन है. हालांकि, स्टडी में पाया गया कि चांद पर लाखों लोगों को बसाने के लिए न्यूक्लियर फिशन पावर की जरूरत होगी, लेकिन यह भी चांद की आबादी के लिए एक मामूली रुकावट ही होगी.
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