Viral Video: छुट्टियां मनाने या वीकेंड पर दोस्तों के साथ किसी ऐतिहासिक किले या टूरिस्ट स्पॉट पर जाना किसे पसंद नहीं है? लेकिन मजे-मजे में अक्सर हम कुछ ऐसा कर बैठते हैं जो न सिर्फ वहां के स्थानीय लोगों को आहत करता है, बल्कि हमें सीधे जेल भी पहुंचा सकता है. इन दिनों सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के ऐतिहासिक लोहगढ़ किले (Lohagad Fort) का एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक स्थानीय शख्स दिल्ली से आए पर्यटकों के एक ग्रुप पर जमकर भड़कता नजर आ रहा है. वजह? ऐतिहासिक किले की प्राचीर पर सिगरेट सुलगाना था.
वायरल वीडियो में आखिर हुआ क्या?
करीब 1 मिनट 46 सेकेंड के इस वीडियो में एक शख्स दिल्ली के पर्यटकों से बेहद गुस्से में पूछता है कि उन्हें यहां सिगरेट पीने की इजाजत किसने दी? जब टूरिस्ट सफाई देते हैं कि उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी और वहां कोई बोर्ड नहीं लगा था, तो शख्स का गुस्सा और भड़क जाता है. वह कहता है, 'तुम्हें थोड़ी तो अक्ल होनी चाहिए. क्या तुम मंदिर में जाकर सिगरेट पीते हो? ये किला हमारे लिए मंदिर है.' वीडियो के अंत में वह शख्स पुलिस कंप्लेंट की चेतावनी देता है और पर्यटकों से सारी सिगरेट निकलवा कर अपने साथ ले जाता है. हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने ऐतिहासिक धरोहरों पर पर्यटकों के रवैये और नियमों को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है.
लोहगड वर दिल्लीचे पब्लिक!
— 🇮🇳Bhakta's Vikas/भक्तांचा विकास (@kisora_pat7606) July 29, 2026
महाराष्ट्रातील गड-किल्ल्यांचे पावित्र्य राखण्यासाठी सिगरेट, तंबाखू व मद्यसेवनावर (दारू) पूर्णपणे कायदेशीर मनाई आहे।
हे यांना माहिती नसावं की सिया पॉईंट बघायला आले असावे?#लोहगड pic.twitter.com/50CWQZYpoW
जानिए क्या कहते हैं ASI के नियम?
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नियमों के मुताबिक:-
- स्मारकों के अंदर किसी भी तरह का तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, सिगरेट, शराब या नशीला पदार्थ ले जाना और उसका सेवन करना सख्त मना है.
- आप अपने साथ माचिस, लाइटर, मोमबत्ती या कोई भी ज्वलनशील पदार्थ अंदर नहीं ले जा सकते.
- अगर आप किले की दीवारों पर अपना नाम उकेरते हैं या उसे खुरचते हैं, तो यह एक आपराधिक कृत्य है.
- बिना लिखित परमिशन के स्मारकों में ड्रोन उड़ाना या ट्राइपॉड का इस्तेमाल करना भी गैरकानूनी है.
- याद रखिए, ऐतिहासिक इमारतें पिकनिक स्पॉट या पार्टी जोन नहीं हैं. उनकी गरिमा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है.
यहां पढ़ें ASI के नियम
31 अगस्त तक लगा है बैन
अगर आप अभी लोहगढ़ या आसपास के इलाकों में जाने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक और अहम अपडेट है. टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मॉनसून के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुणे जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत मावल और लोनावाला के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू कर दी है. यह बैन 31 अगस्त तक लागू रहेगा.
किन जगहों पर है प्रशासन की नजर?
लोहगढ़ फोर्ट, विसापुर फोर्ट, राजमाची, तिकोना फोर्ट, तुंग फोर्ट, लायंस पॉइंट, कार्ला और भाजे की गुफाएं, और पवना डैम.
क्या हैं पाबंदियां?
- गहरे पानी में जाने या झरनों के नीचे बैठने पर रोक.
- पहाड़ी किनारों या खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेने की मनाही.
- तेज आवाज में संगीत बजाने या पानी को प्रदूषित करने पर सख्त एक्शन.
- खतरनाक स्टंट करने वालों पर सीधा कानूनी शिकंजा.
स्थानीय लोग इसे यूं ही 'मंदिर' नहीं कहते. समुद्र तल से 3,389 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह लोहागढ़ फोर्ट महाराष्ट्र की शान है. महाराष्ट्र टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट पर लिखी जानकारी के मुताबिक, 1648 में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इस किले को अपने अधिकार में लिया था. सूरत फतह के बाद जो विशाल खजाना मिला था, उसे इसी सुरक्षित किले में रखा गया था. सिर्फ सैन्य ही नहीं, इसका धार्मिक महत्व भी है. हाल ही में पुणे के ट्रेकर्स ने किले के दक्षिणी हिस्से की एक गुफा में प्राचीन ब्राह्मी लिपि (दूसरी या पहली शताब्दी ईसा पूर्व) का एक शिलालेख खोजा है, जो बताता है कि यहां कभी जैन अभयारण्य हुआ करता था. किले का विंचुकडा (Scorpion's Tail) यानी बिच्छू के डंक जैसी आकार वाली चट्टान ट्रेकर्स के बीच खासी मशहूर है.
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