Viral News: जिस कंपनी को आपने अपनी जिंदगी के 10 कीमती साल दिए हों, जहां आपका तीन बार प्रमोशन हुआ हो, वो अचानक एक दिन आपको बाहर का रास्ता दिखा दे तो कैसा लगेगा? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर एक शख्स ने अपनी ऐसी एक कहानी शेयर की जो सिर्फ छंटनी के दर्द की नहीं है, बल्कि इस बात की भी है कि कैसे इस शख्स ने हार न मानकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपना हथियार बनाया और पहले से भी ज्यादा शानदार नौकरी हासिल की.
'आखिरकार मुझे जॉब ऑफर मिल गया'
रेडिट के 'r/Layoffs' फोरम पर 'kml1341' नाम के यूजर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, 'आखिरकार मुझे जॉब ऑफर मिल गया!' लेकिन यह खुशी उन्हें इतनी आसानी से नहीं मिली थी. दरअसल, फरवरी के अंत में इस शख्स को अचानक नौकरी से निकाल दिया गया था. उसे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था. इसके बाद शुरू हुआ 5 महीने का वो थका देने वाला सफर, जिसमें सिर्फ रिजेक्शन, कैंसिल होते इंटरव्यू और इंटरनल कैंडिडेट्स को मिलती नौकरियों की हताशा शामिल थी. दिन-रात डूम स्क्रॉलिंग की आदत पड़ने लगी थी. लेकिन, तमाम निराशाओं के बीच उसने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक प्रोजेक्ट मैनेजर/अकाउंट रोल के लिए अप्लाई किया और यहीं से उसकी किस्मत पलटी. नई कंपनी हाइब्रिड और फ्लेक्सिबल थी, साथ ही इसके बेनिफिट्स पहले ही दिन से शुरू होने वाले थे.
Got an offer!!
by u/kml3141 in Layoffs
इंटरव्यू में गेम-चेंजर बना AI और STAR टेक्निक
जब रेडिट पर लोगों ने उससे पूछा कि इस मुश्किल जॉब मार्केट में उसने इंटरव्यू की तैयारी कैसे की, तो उसका जवाब हैरान करने वाला था. उसने बताया कि उसकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ 'AI' का था. उस शख्स ने इंटरव्यू क्रैक करने का अपना सीक्रेट फॉर्मूला शेयर करते हुए कहा, 'मैंने नौकरी के डिस्क्रिप्शन (JD) को कॉपी करके AI में पेस्ट किया. साथ ही, इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति की जो भी जानकारी मुझे लिंक्डइन से मिली, वो भी AI को दे दी और उससे इंटरव्यू की तैयारी कराने को कहा.'
इतना ही नहीं, उसने AI की मदद से STAR (Situation, Task, Action, Result) तकनीक वाले जवाब भी तैयार किए. अक्सर इंटरव्यू में लोग अपनी बात को बहुत लंबा खींच देते हैं, लेकिन AI ने उसे सिखाया कि जवाबों को कैसे सटीक और सिंपल रखना है. लगातार प्रैक्टिस से उसका आत्मविश्वास इस कदर बढ़ा कि जिस नौकरी के लिए वह खुद को अंडर-क्वालिफाइड मान रहा था, वहां हायरिंग मैनेजर के साथ उसका इंटरव्यू एकदम सहज और बेहतरीन रहा.
क्यों नहीं किया सैलरी पर मोलभाव?
कहानी का एक और दिलचस्प पहलू सैलरी से जुड़ा है. जब लोगों ने पूछा कि क्या उसने नई सैलरी के लिए मोलभाव (Negotiation) किया? तो उसने बड़ी समझदारी से 'ना' में जवाब दिया. इस नए रोल के लिए 120k डॉलर से 160k डॉलर (करीब 1.14 करोड़ से 1.53 करोड़ रुपये) का ब्रैकेट तय था. कंपनी ने उसे 155k डॉलर (करीब 1 करोड़ 48 लाख रुपये) की बेस सैलरी और 15% सालाना बोनस का ऑफर दिया. उसकी पुरानी कंपनी में उसे 145k डॉलर (करीब 1 करोड़ 38 लाख रुपये) बेस और 25% बोनस मिलता था. उसने हिसाब लगाया कि पुरानी कंपनी में बोनस मिलाकर भले ही रकम ज्यादा लगती हो, लेकिन 'बोनस' कभी गारंटीड नहीं होता. नई कंपनी में उसकी फिक्स यानी 'बेस सैलरी' पहले से काफी ज्यादा थी. ऐसे में उसने चंद हजार डॉलर्स के लिए बात बिगाड़ने के बजाय तुरंत इस शानदार ऑफर को स्वीकार कर लिया.
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