IPS Kamya Mishra Success Story: महिला IPS काम्या मिश्रा को बिहार में लेडी सिंघम के नाम से जाना जाता था, लेकिन करियर के पीक पर पहुंचने से पहले ही उन्होंने अपनी इस नौकरी से इस्तीफा दे दिया. महज 22 साल की उम्र में उन्होंने यूपीएससी क्रैक किया और IPS बन गईं. बिहार में रहते हुए उन्होंने कई ऐसे काम किए, जिनकी खूब तारीफ भी हुई. एक लाठीचार्ज के मामले के बाद उनका वीडियो भी खूब वायरल हुआ था, जिसमें वो बड़ी मासूमी से कहती हैं कि 'मैंने कुछ नहीं किया'. आज हम आपको इस युवा आईपीएस की कहानी बताएंगे और ये भी जानेंगे कि आखिर उन्होंने महज 28 साल की उम्र में आईपीएस की नौकरी क्यों छोड़ दी.
कौन हैं काम्या मिश्रा?
काम्या मिश्रा मूल रूप से ओडिशा से आती हैं, उन्होंने 2019 में यूपीएससी परीक्षा दी थी और फिर आईपीएस बनीं. तब उनकी उम्र महज 22 साल थी. उन्हें पहले हिमाचल प्रदेश कैडर मिला, लेकिन बाद में इसे बदलकर बिहार कर दिया गया. बतौर आईपीएस अफसर उन्हें बिहार के कई अहम जिलों में तैनाती मिली, जहां उन्होंने शराब माफिया से लेकर बाकी अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया.

पति भी हैं IPS अफसर
काम्या मिश्रा के पति अवधेश दीक्षित भी आईपीएस अधिकारी हैं, जो मूल रूप से राजस्थान से आते हैं. अवधेश ने IIT बॉम्बे से पढ़ाई की है. दोनों की पहली मुलाकात लबासना में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी, बाद में दोस्ती प्यार में बदली और दोनों ने शादी कर ली. अवधेश दीक्षित को बिहार कैडर मिला था, जिसके चलते काम्या मिश्रा को उनकी रिक्वेस्ट पर हिमाचल से बिहार कैडर में शिफ्ट कर दिया गया. हिमाचल के सिरमौर में करीब चार महीने काम करने के बाद वो बिहार आ गईं थीं.

घास की अंगूठी पहनाकर किया प्रपोज
काम्या मिश्रा और अवधेश दीक्षित की लव स्टोरी भी काफी शानदार रही है. दोनों की मुलाकात ट्रेनिंग के दौरान हुई और जब वो प्रदेश के रतलाम में हुई थी, जब वो एक गांव के दौरे पर थे. दोनों के बीच बातचीत हुई और फिर प्रपोजल का मौका आया. काम्या मिश्रा बताती हैं कि उन्होंने खुद अवधेश को प्रपोज किया, तब वहां कुछ भी नहीं था तो उन्होंने नीचे पड़ी घास को उठाया और उसकी एक अंगूठी बनाई, जिसके बाद अवधेश को इसे पहनाकर प्रपोज किया. इस दौरान उनके तमाम बैचमेट भी उनके साथ थे.
क्यों छोड़ी नौकरी?
नौकरी छोड़ने को लेकर एक इंटरव्यू में खुद काम्या मिश्रा ने बताया कि वो सिंगल चाइल्ड हैं और उन्हें अपने पिता के बिजनेस को संभालना था. यही वजह थी कि उन्होंने आईपीएस की नौकरी छोड़ी. उन्होंने बताया कि आईपीएस बनकर वो अपना सपना पूरा करना चाहती थीं, इससे उन्हें खुद की पहचान मिली. उनका कहना है कि कम उम्र में अगर आपको कोई बड़ा बदलाव लाना है तो यूपीएससी से अच्छा कुछ नहीं है.
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