विज्ञापन
This Article is From Feb 13, 2026

अब इस राज्य में नहीं दिखेंगे गुटखे के विज्ञापन, महिलाओं ने तंबाकू विरोधी अभियान के तहत बसों से फाड़े विज्ञापन

Gutkha Ads: कर्नाटक की कुछ महिलाएं सार्वजनिक बसों पर लगे गुटखा और तंबाकू से जुड़े विज्ञापनों को फाड़कर हटा रही हैं.

अब इस राज्य में नहीं दिखेंगे गुटखे के विज्ञापन, महिलाओं ने तंबाकू विरोधी अभियान के तहत बसों से फाड़े विज्ञापन
तंबाकू विरोधी अभियान
Social Media

Gutkha Ads: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कर्नाटक की कुछ महिलाएं सार्वजनिक बसों पर लगे गुटखा और तंबाकू से जुड़े विज्ञापनों को फाड़कर हटा रही हैं. यह घटना राज्य में तंबाकू के छुपे हुए (सरोगेट) विज्ञापनों के खिलाफ बढ़ती जन-आंदोलन का हिस्सा मानी जा रही है. वीडियो को X (Twitter) पर @Khurpenchinfa नाम के अकाउंट ने शेयर किया. इसमें दिखाया गया है कि महिलाएं बसों की साइड पर लगे बड़े-बड़े पोस्टर जोर से खींचकर उतार रही हैं. पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि अच्छा लगा कि महिलाएं भी इस अभियान से जुड़ गईं. कर्नाटक में महिलाओं ने बसों से गुटखा के विज्ञापन हटाने शुरू कर दिए हैं. बहुत अच्छा.

यह भी पढ़ें:- मोमो बेचने के लिए 50 लाख रुपये की नौकरी छोड़ी, 2 साल में खड़ा किया 5 करोड़ रुपये का कारोबार

दरअसल, कर्नाटक में बसों पर लगे ऐसे विज्ञापनों के खिलाफ लोगों का विरोध बढ़ रहा है, जो गुटखा और तंबाकू उत्पादों को प्रमोट करते हैं. अभियान चलाने वालों का कहना है कि ये विज्ञापन छुपे हुए (सरोगेट) ब्रांडिंग के जरिए तंबाकू को बढ़ावा देते हैं. जनवरी से सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता, मुख्य रूप से युवा पुरुष KSRTC और BMTC की बसों से ऐसे विज्ञापन हटा रहे थे.

तंबाकू विज्ञापनों को लेकर जनता का बढ़ता गुस्सा

बसों पर लगे इन विज्ञापनों को लेकर लोगों में गुस्सा पहले से बढ़ रहा था, क्योंकि तंबाकू से जुड़ी बीमारियां लगातार चिंता का विषय हैं. कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संगठनों के मुताबिक, ‘इलायची' या पान मसाला जैसे ब्रांडों के जरिए किए जाने वाले छुपे हुए तंबाकू विज्ञापन विवादित हैं और अक्सर कानूनी विज्ञापन प्रतिबंधों को दरकिनार करते हैं.

महिलाओं की भागीदारी से आंदोलन और मजबूत

हाल ही में वायरल हुए वीडियो में महिलाओं का शामिल होना इस आंदोलन को और ज्यादा मजबूत और बड़ा बना रहा है. पहले ज्यादातर वीडियो में केवल युवा पुरुष तंबाकू विज्ञापनों को हटाते दिख रहे थे, लेकिन अब महिलाओं की भागीदारी से यह एक समुदाय-स्तरीय आंदोलन बनता जा रहा है. कुछ जगहों पर कार्यकर्ता बड़े बस स्टॉप पर खड़ी KSRTC और BMTC बसों से पोस्टर खींचकर उतारते दिखे. वहीं, सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि ऐसे विज्ञापन तंबाकू सेवन को सामान्य और स्वीकार्य दिखाने की कोशिश करते हैं, इसलिए इन्हें हटाना जरूरी है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gutkha, Gutkha Ad, Zara Hatke
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com